
पटना, दानापुर के सगुना मोड़ स्थित एक आभूषण दुकान में हुई सनसनीखेज डकैती का पटना पुलिस ने महज 72 घंटों के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए बेहद चौंकाने वाला तरीका अपनाया—वे सिवान के एक नशा मुक्ति केंद्र में जाकर छिप गए थे।
‘फिल्मी अंदाज’ में छिपे, लेकिन बच नहीं सके
31 मार्च को हुई इस वारदात के बाद अपराधी अलग-अलग जिलों में फरार हो गए थे। गैंग के सरगना अनूप भारती ने पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करवा लिया, ताकि किसी को शक न हो।
हालांकि, पुलिस की तकनीकी टीम और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर ली गई। लगातार निगरानी और सटीक कार्रवाई के बाद पुलिस ने पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया।
लूट से ‘डकैती’ में बदला मामला
शुरुआत में इस केस को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309 (लूट) के तहत दर्ज किया गया था। लेकिन जांच में सामने आया कि इस वारदात में 5 लोग शामिल थे, जिसके बाद इसे धारा 310 (डकैती) में परिवर्तित कर दिया गया है। इस धारा के तहत सजा का प्रावधान अधिक कठोर है।
भारी मात्रा में सामान बरामद
दानापुर पुलिस की विशेष टीम (SIT) ने आरोपियों के पास से कई अहम सामान बरामद किए हैं:
- लगभग 7 ग्राम सोना और 832 ग्राम चांदी
- 2 देसी कट्टा, 1 जिंदा कारतूस और 2 खोखा
- घटना में इस्तेमाल की गई 1 चोरी की स्कूटी और 1 बाइक
- 3 मोबाइल फोन
- एक ‘बेहोश करने वाला स्प्रे’, जिसका उपयोग करने की योजना थी
नशे की लत बनी अपराध की वजह
पुलिस पूछताछ में यह सामने आया है कि गैंग के कई सदस्य नशे के आदी हैं और पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया।
अनूप भारती को इस गैंग का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, जबकि रोहित कुमार ने रेकी और सूचना जुटाने में अहम भूमिका निभाई।
स्पीडी ट्रायल और TIP की तैयारी
पटना पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और मामले में स्पीडी ट्रायल चलाया जाएगा। साथ ही, सभी आरोपियों की पहचान के लिए टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड (TIP) भी कराई जाएगी।
पुलिस की कार्रवाई पर उठी सराहना
इस मामले के त्वरित खुलासे और अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की कार्रवाई की सराहना हो रही है। जिस तरह से आरोपियों ने छिपने के लिए असामान्य तरीका अपनाया और फिर भी पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया, वह इस पूरे मामले को और भी चर्चित बना रहा है।
दानापुर की यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि अपराधी चाहे जितनी भी चालाकी क्यों न दिखाएं, कानून के हाथ लंबे होते हैं।


