
- बिहार के कटिहार जिले से खाकी को शर्मसार करने वाली एक बड़ी घटना सामने आई है, जहाँ फलका थाने में पुलिस अभिरक्षा के दौरान एक 24 वर्षीय युवक की मौत हो गई।
- मृतक की पहचान गोपालपट्टी निवासी राकेश कुमार यादव के रूप में हुई है, जिसकी मौत के बाद शनिवार को परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
- आक्रोशित भीड़ ने शनिवार सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक फलका मुख्य चौक के पास स्टेट हाईवे-77 (SH-77) को पूरी तरह जाम कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
- विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब नियंत्रण से बाहर हो गई जब भीड़ में शामिल कुछ उपद्रवियों ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया, जिसमें पोठिया थानाध्यक्ष समेत एक सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गए।
- मामले की गंभीरता को देखते हुए कटिहार एसपी शिखर चौधरी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फलका थानाध्यक्ष और कांड के अनुसंधानकर्ता को निलंबित कर दिया है।
कटिहार (द वॉयस ऑफ बिहार)।
हिरासत में मौत और न्याय की मांग: कटिहार की सड़कों पर उतरा जनसैलाब
बिहार में पुलिसिया कार्यप्रणाली और थानों के भीतर सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कटिहार जिले के फलका थाने में शनिवार को उस समय भारी अराजकता की स्थिति पैदा हो गई जब पुलिस हिरासत में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक राकेश कुमार यादव के परिजनों का आरोप है कि पुलिस की प्रताड़ना के कारण युवक की जान गई है, जबकि पुलिस इसे हाजत के भीतर आत्महत्या का प्रयास बता रही है। इस घटना ने न केवल फलका बल्कि पूरे जिले में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। न्याय की मांग को लेकर सड़क पर उतरे ग्रामीणों का आक्रोश इस कदर था कि चार घंटे तक मुख्य राजमार्ग ठप रहा और पुलिस को भीड़ को शांत करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
चार घंटे तक बंधक रहा स्टेट हाईवे-77: प्रदर्शनकारियों का उग्र रूप
शनिवार की सुबह जैसे ही राकेश कुमार यादव की मौत की खबर गोपालपट्टी गांव पहुँची, वहां मातम के साथ-साथ गुस्से की लहर दौड़ गई। देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और मृतक के परिजन फलका मुख्य चौक पर जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने स्टेट हाईवे-77 को जाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थानीय लोगों का कहना था कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं होता और एसपी खुद मौके पर नहीं आते, तब तक वे जाम नहीं हटाएंगे। सुबह 10 बजे से शुरू हुआ यह प्रदर्शन दोपहर 2 बजे तक जारी रहा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ तीखी बयानबाजी की और थाने के भीतर सुरक्षा व्यवस्था की विफलता पर सवाल उठाए।
पुलिस पर हमला और राइफल की छीना-झपटी: कानून-व्यवस्था को सीधी चुनौती
जाम छुड़ाने और भीड़ को समझाने पहुँची पुलिस टीम को उस समय भारी विरोध का सामना करना पड़ा जब भीड़ में शामिल कुछ असमाजिक तत्वों ने हमला बोल दिया। उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव किया और धक्का-मुक्की शुरू कर दी। इस हिंसक झड़प में पोठिया थानाध्यक्ष को चोटें आईं, जबकि एक अन्य सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थिति तब और भी डरावनी हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने एक पुलिसकर्मी की राइफल छीन ली। सरकारी हथियार के छीने जाने की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। हालांकि, बाद में कुछ प्रबुद्ध स्थानीय लोगों के सहयोग और पुलिस के दबाव के कारण छीनी गई राइफल को बरामद कर लिया गया और पुलिस को सौंप दिया गया। कुछ उपद्रवियों ने फलका थाने तक पहुँचकर वहां तोड़फोड़ भी की, जिससे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचा है।
एसपी शिखर चौधरी की कार्रवाई: थानाध्यक्ष और आईओ निलंबित
घटना की सूचना मिलते ही कटिहार के पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी भारी पुलिस बल के साथ फलका थाने पहुँचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और मृतक के परिजनों से बात की। प्राथमिक जांच और प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने के बाद एसपी ने कड़ा रुख अपनाते हुए फलका थानाध्यक्ष रवि कुमार राय और कांड के अनुसंधानकर्ता (IO) कुंदन कुमार पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस हिरासत में किसी भी व्यक्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होती है और इसमें किसी भी स्तर पर चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस प्रशासनिक कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा थोड़ा शांत हुआ और उन्होंने जाम हटाने का निर्णय लिया।
पुलिस का पक्ष: हाजत में फंदा लगाने का दावा
इस पूरे मामले पर पुलिस का अपना तर्क है। कटिहार एसपी शिखर चौधरी के अनुसार, राकेश कुमार यादव ने थाने की हाजत के भीतर फंदा लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। जैसे ही संतरी और अन्य पुलिसकर्मियों की नजर उस पर पड़ी, उसे तुरंत नीचे उतारकर नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में इलाज के क्रम में ही उसकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि वे इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि युवक ने किस परिस्थिति में यह कदम उठाया और हाजत के भीतर उसके पास फंदा बनाने के लिए सामग्री कहाँ से आई। हालांकि, परिजन पुलिस के इस दावे को सिरे से खारिज कर रहे हैं और उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।
उपद्रवियों पर सख्त कार्रवाई का संकेत
हिरासत में मौत के मामले में जहाँ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई है, वहीं पुलिस पर हमला करने और राइफल छीनने वालों को भी पुलिस छोड़ने के मूड में नहीं है। एसपी शिखर चौधरी ने कहा है कि वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उन लोगों की पहचान की जा रही है जिन्होंने कानून को हाथ में लिया, पुलिस टीम पर हमला किया और थाने में तोड़फोड़ की। उन्होंने चेतावनी दी है कि ऐसे उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस पर हमला करने की हिम्मत न करे। सरकारी हथियार की छीना-झपटी को पुलिस ने बहुत ही गंभीरता से लिया है।
हिरासत में मौत: मानवाधिकारों और पुलिस प्रोटोकॉल का सवाल
राकेश कुमार यादव की मौत ने एक बार फिर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के उन दिशा-निर्देशों की याद दिला दी है जो हिरासत में होने वाली मौतों (Custodial Deaths) को लेकर बेहद सख्त हैं। नियमों के अनुसार, हिरासत में किसी भी मौत की जांच मजिस्ट्रेट स्तर पर होनी चाहिए और पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी अनिवार्य है। फलका की इस घटना ने यह भी उजागर किया है कि थानों में लगे सीसीटीवी कैमरे और संतरी की तैनाती केवल कागजों तक सीमित रह जाती है। अगर युवक ने वास्तव में हाजत में फंदा लगाने की कोशिश की, तो वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी क्या कर रहे थे? यह एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब निलंबित थानाध्यक्ष और अनुसंधानकर्ता को देना होगा।
विश्वास बहाली की चुनौती
कटिहार के फलका की यह घटना पुलिस और जनता के बीच बढ़ती खाई को दर्शाती है। एक ओर जहाँ एक परिवार ने अपना जवान बेटा खोया है, वहीं दूसरी ओर पुलिस बल को हिंसक भीड़ का सामना करना पड़ा है। थानाध्यक्ष का निलंबन न्याय की दिशा में एक कदम हो सकता है, लेकिन पुलिस की छवि को जो नुकसान पहुँचा है, उसकी भरपाई के लिए पारदर्शी जांच और दोषियों को सजा मिलना अनिवार्य है। प्रशासन के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखना और मृतक के परिवार को यह भरोसा दिलाना है कि कानून उनके साथ है। फिलहाल, फलका थाने के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस पूरे मामले की सूक्ष्मता से जांच कर रही है।


