
पटना, 3 अप्रैल: बिहार में लगातार बढ़ रही गर्मी और लू की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में बड़ा बदलाव किया है। समाज कल्याण विभाग के निर्देश के अनुसार अब पूरे राज्य में सभी आंगनबाड़ी केंद्र सुबह 7:30 बजे से लेकर 11:30 बजे तक ही संचालित होंगे।
सरकार का यह फैसला छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। दोपहर के समय बढ़ती तपिश, उमस और लू के खतरे से बचाने के लिए केंद्रों का समय सुबह कर दिया गया है, ताकि लाभार्थियों को सुरक्षित माहौल में पोषण और अन्य सेवाएं मिलती रहें।
स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता, सेवाएं रहेंगी जारी
नए समय के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्र सुबह जल्दी खुलेंगे और दोपहर से पहले बंद हो जाएंगे। इस दौरान पोषाहार वितरण, प्री-स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य जांच और अन्य गतिविधियां नियमित रूप से संचालित की जाएंगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सेवाओं में किसी भी तरह की बाधा नहीं आने दी जाएगी।
डीएम को दिए गए विशेष अधिकार
समाज कल्याण विभाग ने यह भी कहा है कि यदि किसी जिले में गर्मी और अधिक बढ़ती है, तो वहां के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) को परिस्थितियों के अनुसार समय में और बदलाव करने या जरूरत पड़ने पर आंगनबाड़ी केंद्रों को अस्थायी रूप से बंद करने का अधिकार होगा। सभी जिलों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि गर्मी के दौरान पोषाहार वितरण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई आंगनबाड़ी सेविका या सहायिका इसमें कोताही बरतती पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वे पोषाहार की गुणवत्ता और समय पर वितरण सुनिश्चित करें।
अभिभावकों से सहयोग की अपील
सरकार ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को नए समय के अनुसार ही आंगनबाड़ी केंद्र भेजें। साथ ही बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए हल्के सूती कपड़े पहनाएं, पर्याप्त पानी पिलाएं और दोपहर के समय उन्हें घर के अंदर ही रखें।
इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी निर्देशित किया गया है कि वे समय पर केंद्र पहुंचकर सभी जरूरी गतिविधियों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करें।
सरकार की पहल से मिलेगा लाभ
राज्य सरकार का यह कदम खासकर बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे भी आवश्यक फैसले लिए जाएंगे।


