जेल से रिहाई के बाद फिर सुर्खियों में अनंत सिंह, कमेटी में शामिल होने पर बोले— “हमको कुछ पता नहीं”

पटना: जेल से रिहाई के बाद बिहार की सियासत में एक बार फिर बाहुबली नेता Anant Singh चर्चा में आ गए हैं। सरकार ने उन्हें पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण समिति का सदस्य नियुक्त किया है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि खुद अनंत सिंह इस जिम्मेदारी से लगभग अनजान नजर आए।

अपने खास देहाती अंदाज़ में उन्होंने कहा, “ई सब हम कुछ जानबे नहीं करते हैं… हम क्या बने हैं, क्या नहीं बने हैं, कुछ पता नहीं।” उनके इस बयान ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।

विधानसभा की 19 कमेटियों में मिला स्थान

बिहार विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल 19 कमेटियों का गठन किया गया है, जिसमें अनंत सिंह का नाम भी शामिल है। हालांकि, इस अहम जिम्मेदारी को लेकर उनकी बेपरवाही ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या यह सादगी है या कोई सियासी रणनीति?

चुनाव से दूरी के संकेत

दूसरी तरफ, अनंत सिंह ने चुनावी राजनीति से दूरी बनाने के संकेत भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि सियासत की विरासत अगली पीढ़ी को सौंपी जाए।

  • उनका छोटा बेटा आईपीएस अफसर बने, यह उनकी इच्छा है
  • जबकि बड़ा बेटा राजनीति में कदम रखे, ऐसा उनका प्लान है

यह बयान उनके सियासी सफर में एक नए मोड़ की ओर इशारा करता है।

नदवां के महादंगल को लेकर उत्साह

इधर, अपने गांव नदवां में आयोजित होने वाले महादंगल को लेकर अनंत सिंह काफी उत्साहित हैं। उनका दावा है कि इस आयोजन में देश-विदेश से 100 से ज्यादा पहलवान हिस्सा लेंगे और लाखों की भीड़ जुटेगी।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने में मदद मिलती है। उनके मुताबिक, “दंगल देखेंगे तो दिमाग भटकेगा नहीं, सही राह पर जाएगा।”

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

अनंत सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे अपनी नई जिम्मेदारी से अनजान दिख रहे हैं। यह वीडियो सियासत, तंज और हकीकत—तीनों का मिश्रण बन गया है।

अब बड़ा सवाल यही है—क्या अनंत सिंह की यह बेखबरी उनकी सादगी है या एक सोची-समझी रणनीति? बिहार की राजनीति में उनका यह किरदार आगे और क्या मोड़ लेगा, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।


 

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