‘हम क्या बने हैं, हमें ही नहीं पता…’: पर्यावरण समिति में शामिल होने पर अनंत सिंह का बयान, दंगल और राजनीति पर भी खुलकर बोले

पटना/मोकामा, बिहार विधानसभा की नई समितियों के गठन के बाद एक बार फिर मोकामा के विधायक सुर्खियों में हैं। उन्हें वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए गठित पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण समिति का सदस्य बनाया गया है, लेकिन इस पर उनकी प्रतिक्रिया ने सबका ध्यान खींच लिया।

‘हमें ही नहीं पता क्या बने हैं…’

जब अनंत सिंह से इस नई जिम्मेदारी को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने बेबाक अंदाज में कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, “हम क्या बने हैं, क्या नहीं बने हैं, ई सब कुछ हम नहीं जानते हैं।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

नदमा में महा दंगल को लेकर उत्साह

राजनीतिक बयानबाजी के बीच अनंत सिंह अपने गांव नदमा में होने वाले भव्य दंगल को लेकर काफी उत्साहित नजर आए। उन्होंने बताया कि 3 अप्रैल तक चलने वाले इस आयोजन में देश-विदेश के 100 से अधिक पहलवान हिस्सा ले रहे हैं।

उनका दावा है कि इस दंगल में 10 लाख से ज्यादा दर्शकों के पहुंचने की संभावना है, जो इसे बिहार के सबसे बड़े पारंपरिक आयोजनों में से एक बना सकता है। बाहर से आने वाले मेहमानों के लिए खाने-पीने और ठहरने की विशेष व्यवस्था भी की गई है।

‘युवाओं को सही दिशा देगा दंगल’

अनंत सिंह ने युवाओं को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि आज के समय में कई युवा नशे की ओर भटक रहे हैं। ऐसे में दंगल जैसे आयोजन उन्हें सकारात्मक दिशा में ले जाने का काम करेंगे।

उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि भले ही उन्होंने खुद कभी दंगल नहीं लड़ा, लेकिन देश-विदेश में जाकर दंगल देखने का उन्हें शौक रहा है।

घोड़े ‘लाडला’ के साथ दिखेंगे अनंत सिंह

अनंत सिंह ने बताया कि वे 4 अप्रैल तक अपने गांव में ही रहेंगे और इस दौरान अपने पसंदीदा घोड़े ‘लाडला’ के साथ गांव की सड़कों पर भी नजर आएंगे, जो उनके समर्थकों के बीच खास आकर्षण का केंद्र रहता है।

राजनीति पर भी रखी अपनी राय

राजनीतिक सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री के विधान परिषद से इस्तीफे को लेकर कहा कि यह कदम जनता के हित में उठाया गया है और वे राज्यसभा के जरिए बड़ी भूमिका निभाने जा रहे हैं।

वहीं, अगले मुख्यमंत्री को लेकर उन्होंने अपनी राय रखते हुए कहा कि यदि जेडीयू से कोई चेहरा आता है, तो निशांत कुमार एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। जबकि बीजेपी की ओर से उन्होंने का नाम भी उपयुक्त बताया।

सियासत में फिर चर्चा के केंद्र में अनंत सिंह

अनंत सिंह का यह बयान और उनका बेबाक अंदाज एक बार फिर उन्हें बिहार की राजनीति के केंद्र में ले आया है। एक तरफ जहां उनके बयान पर चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी ओर नदमा का दंगल भी लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि अनंत सिंह की राजनीतिक भूमिका और बयानबाजी बिहार की सियासत को किस दिशा में ले जाती है।

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