बिहार में खनन से रिकॉर्ड कमाई: 2025-26 में 3592 करोड़ का राजस्व, सरेंडर करने वाली कंपनियों पर सख्ती

पटना, 1 अप्रैल: बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व संग्रह के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया है। विभाग ने इस अवधि में कुल 3592.60 करोड़ रुपये की वसूली की, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में अधिक है। इस उपलब्धि को राज्य सरकार प्रशासनिक सख्ती और बेहतर मॉनिटरिंग का परिणाम मान रही है।

उप मुख्यमंत्री सह खान एवं भूतत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए बताया कि विभाग ने पिछले साल की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा।

पिछले साल से बेहतर प्रदर्शन
वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभाग ने 3536.21 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया था, जबकि इस बार यह बढ़कर 3592.60 करोड़ रुपये हो गया। यानी करीब 56 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खास बात यह है कि यह वृद्धि उस समय हुई जब कई बालू घाटों का संचालन बीच में ही बंद हो गया था।

बालू घाट सरेंडर से हुआ नुकसान
सरकार के अनुसार, कुल 78 बालू घाटों की लीज़ कंपनियों द्वारा सरेंडर कर दी गई थी। कंपनियों ने भारी नुकसान का हवाला देकर यह कदम उठाया। इससे राज्य को लगभग 600 करोड़ रुपये के संभावित राजस्व का नुकसान हुआ।

इसके अलावा विभिन्न विभागों से मिलने वाली राशि में भी गिरावट देखी गई। जहां 2024-25 में 511 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे, वहीं 2025-26 में यह घटकर 369 करोड़ रुपये रह गया, जिससे करीब 150 करोड़ रुपये का अतिरिक्त नुकसान हुआ।

अभी भी 309 करोड़ रुपये बकाया
तकनीकी कारणों से वित्तीय वर्ष के अंत तक विभाग को करीब 309 करोड़ रुपये नहीं मिल पाए। सरकार को उम्मीद है कि यह राशि जल्द प्राप्त होगी। इसमें रेलवे, ग्रामीण कार्य विभाग, सीपीडब्ल्यूडी और पटना मेट्रो जैसे विभागों से भुगतान शामिल है।

अधिकारियों का मानना है कि यह राशि मिलते ही कुल राजस्व 3800 करोड़ रुपये के लक्ष्य को पार कर सकता है।

21 जिलों ने लक्ष्य से ज्यादा वसूली की
राज्य के 21 जिलों ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक राजस्व संग्रह कर बेहतर प्रदर्शन किया है। इसके लिए विभाग ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की है।

सरेंडर करने वाली कंपनियों पर सख्त कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जो कंपनियां बालू खनन की लीज़ सरेंडर कर चुकी हैं, उन्हें अब नए टेंडर में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

मंत्री ने कहा कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर सख्ती के कारण कई कंपनियों ने घाट छोड़े हैं। अब विभाग पारदर्शी और सख्त व्यवस्था के साथ नए टेंडर जारी कर रहा है। फिलहाल 12 बालू घाटों के लिए नए टेंडर निकाले जा चुके हैं।

खनन क्षेत्र में प्रोत्साहन और पुरस्कार
विभाग ने बेहतर कार्य करने वाले लोगों को भी सम्मानित किया है। “बिहारी खनन योद्धा पुरस्कार” के तहत 96 लोगों को कुल 4.90 लाख रुपये की राशि उनके खातों में ट्रांसफर की गई है।

स्टोन माइनिंग से बढ़ेगा रोजगार
राजस्व बढ़ाने और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 30 नए स्टोन माइनिंग ब्लॉक्स की पहचान की है। इससे न केवल दूसरे राज्यों से पत्थर आयात पर निर्भरता कम होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

बिहार में खनन क्षेत्र तेजी से राजस्व का मजबूत स्रोत बनता जा रहा है। चुनौतियों के बावजूद विभाग का प्रदर्शन यह संकेत देता है कि आने वाले समय में सख्त निगरानी और नई नीतियों के जरिए सरकार अपने राजस्व लक्ष्य को और आगे ले जा सकती है।

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