
पटना, 1 अप्रैल: बिहार सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ा सुधार करते हुए नर्सिंग संस्थानों की मान्यता प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बना दिया है। अब नर्सिंग कॉलेजों को एनओसी और अन्य जरूरी अनुमतियां ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से मिलेंगी। इस नई व्यवस्था का शुभारंभ राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने पटना के शास्त्रीनगर स्थित ऊर्जा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में किया।
डिजिटल सिस्टम से पारदर्शिता और तेजी
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ऑनलाइन प्रक्रिया लागू होने से नर्सिंग संस्थानों को मान्यता देने में पारदर्शिता आएगी और अनावश्यक देरी खत्म होगी। अब संस्थानों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।
उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत आवेदन, जांच और स्वीकृति की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी, जिससे निगरानी भी आसान हो जाएगी और किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना कम होगी।
बिहार में तेजी से बढ़ा नर्सिंग शिक्षा का दायरा
मंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब बिहार में नर्सिंग शिक्षा का ढांचा बेहद सीमित था। लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल से इस क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है।
आज राज्य में 656 नर्सिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं, जहां विभिन्न नर्सिंग कोर्सेज के लिए 41 हजार से अधिक सीटें उपलब्ध हैं। यह स्वास्थ्य क्षेत्र में मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
गुणवत्ता से नहीं होगा समझौता
सरकार ने साफ किया है कि नर्सिंग संस्थानों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। मंत्री ने संस्थानों के संचालकों से कहा कि वे सभी जरूरी मानकों का पालन सुनिश्चित करें।
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के छात्र-छात्राएं बेहतर प्रशिक्षण के जरिए भविष्य में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं।
ऑनलाइन पोर्टल पर देनी होगी पूरी जानकारी
नई व्यवस्था के तहत नर्सिंग संस्थानों को अपनी सुविधाओं, फैकल्टी, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य जरूरी जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इससे आम लोगों को भी संस्थानों की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सकेगी और पारदर्शिता और बढ़ेगी।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने 5 नर्सिंग संस्थानों को ऑनलाइन एनओसी जारी कर प्रमाण पत्र भी प्रदान किए।
अधिकारियों ने भी दी प्रतिक्रिया
स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए मान्यता प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। इससे गुणवत्ता सुधार के साथ-साथ किसी भी तरह की शोषणकारी व्यवस्था पर रोक लगेगी।
उन्होंने सभी संस्थानों को निर्देश दिया कि वे निर्धारित मानकों का पालन करें और शिक्षा की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
नर्सिंग संस्थानों की मान्यता प्रक्रिया को ऑनलाइन करना बिहार सरकार का एक अहम सुधारात्मक कदम माना जा रहा है। इससे न केवल सिस्टम पारदर्शी बनेगा, बल्कि स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बेहतर और प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में भी मदद मिलेगी।


