पटना के शिवपुरी में दुस्साहस: बोरिंग रोड से फ्लैट लौट रहे कारोबारी को लिफ्ट के पास घेरा, हाथापाई के बाद पेट में मारी गोली; अटल पथ की ओर फायरिंग करते भागे बदमाश

  • ​राजधानी के शास्त्री नगर थाना क्षेत्र में मंगलवार की रात अपराधियों ने पुलिसिया गश्त के दावों को धता बताते हुए एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है।
  • ​निर्माण सामग्री (छड़-गिट्टी) के बड़े कारोबारी दिलीप कुमार सिंह को उनके ही अपार्टमेंट के भीतर घुसकर अपराधियों ने पेट में गोली मार दी।
  • ​वारदात उस वक्त हुई जब कारोबारी बोरिंग रोड स्थित अपने दफ्तर से काम निपटाकर शिवपुरी स्थित फ्लैट पर पहुंचे थे और लिफ्ट की ओर बढ़ रहे थे।
  • ​पेट के आरपार हुई गोली के कारण कारोबारी की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है और वे पाटलिपुत्र के रूबन अस्पताल में जीवन और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
  • ​घटना को अंजाम देने के बाद बाइक सवार अपराधी अटल पथ की ओर हवाई फायरिंग करते हुए फरार हो गए, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

पटना (द वॉयस ऑफ बिहार)।

बोरिंग रोड से शुरू हुआ मौत का पीछा, अपार्टमेंट की दहलीज पर बरसीं गोलियां

बिहार की राजधानी पटना में बेखौफ अपराधियों ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। शास्त्री नगर थाना क्षेत्र के शिवपुरी नाला इलाके में मंगलवार की रात अपराधियों ने जिस दुस्साहस का परिचय दिया, उसने शहर के पॉश इलाकों में रहने वाले व्यवसायियों की नींद उड़ा दी है। छड़, बालू और गिट्टी के बड़े सप्लायर दिलीप कुमार सिंह (45 वर्ष) को उनके अपने ही घर की दहलीज पर मौत के करीब पहुंचा दिया गया। घटना की पटकथा बोरिंग रोड से ही लिखी जाने लगी थी, जहां से अपराधियों ने कारोबारी का पीछा शुरू किया और शिवपुरी स्थित जीएस इंकलेव अपार्टमेंट के सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए भीतर दाखिल हो गए। रात के करीब 10 बजे जब शहर की मुख्य सड़कों पर पुलिस की नीली बत्तियां घूमने का दावा किया जाता है, तब अपराधियों ने लिफ्ट के पास कारोबारी को घेरकर उनके पेट में गोली दाग दी।

हाथापाई और फिर जानलेवा हमला: लिफ्ट के पास हुआ खूनी संघर्ष

दिलीप कुमार सिंह का बोरिंग रोड चौराहा स्थित कुमार टावर में ‘एमपी इंजीकान’ (MP Engicon) नाम से कार्यालय है। उनकी कंपनी सरकारी पुलों, बड़े भवनों और निजी निर्माण कार्यों के लिए निर्माण सामग्री की आपूर्ति करने वाली एक प्रतिष्ठित एजेंसी है। रोज की तरह मंगलवार को भी वे अपना काम निपटाकर करीब 10 बजे शिवपुरी नाला स्थित अपने घर जीएस इंकलेव पहुंचे थे। वे फ्लैट संख्या 502 में सपरिवार रहते हैं। जैसे ही उनकी गाड़ी अपार्टमेंट परिसर में रुकी और वे वाहन से उतरकर लिफ्ट की ओर बढ़े, पहले से ही वहां अंधेरे में घात लगाए बैठे दो बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। चश्मदीदों और पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, गोली चलाने से पहले अपराधियों ने दिलीप कुमार सिंह के साथ हाथापाई की। ऐसा प्रतीत होता है कि लुटेरों या हमलावरों ने उन्हें काबू करने की कोशिश की, लेकिन जब कारोबारी ने विरोध किया और संघर्ष तेज हुआ, तो एक अपराधी ने हथियार निकाला और उनके पेट में सटाकर गोली मार दी।

अटल पथ बना अपराधियों का ‘एस्केप रूट’, दहशत फैलाने के लिए की फायरिंग

वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधियों ने भागने के लिए बहुत ही सुनियोजित रास्ता चुना। गोली चलने की आवाज सुनकर जब तक अपार्टमेंट के गार्ड और आसपास के लोग सक्रिय होते, दोनों बदमाश अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर तेजी से मुख्य सड़क की ओर निकल गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भागते समय अपराधियों के मन में पकड़े जाने का कोई खौफ नहीं था। वे हाथ में हथियार लहराते हुए तीन-चार राउंड हवाई फायरिंग करते रहे ताकि कोई उनके करीब आने की जुर्रत न कर सके। अपराधी शिवपुरी नाला से होते हुए सीधे अटल पथ की ओर भागे। अटल पथ इन दिनों अपराधियों के लिए शहर से बाहर निकलने का सबसे आसान और सुरक्षित गलियारा बन गया है, जहां से वे तेजी से किसी भी दिशा में ओझल हो सकते हैं। मौके पर पहुंची पुलिस को घटनास्थल से दो खाली खोखे बरामद हुए हैं, जो अपराधियों के दुस्साहस की गवाही दे रहे हैं।

जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे दिलीप सिंह, रूबन अस्पताल में सर्जरी

गोली दिलीप कुमार सिंह के पेट के दाहिने हिस्से में लगी और शरीर के आरपार हो गई, जिससे अंदरूनी अंगों को भारी नुकसान पहुंचा है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय निवासियों और परिजनों ने उन्हें लहूलुहान अवस्था में अपनी ही गाड़ी से उठाकर पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित रूबन अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कारोबारी की हालत चिकित्सकों ने बेहद गंभीर बताई है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम देर रात से ही उनकी सर्जरी और रक्तस्राव रोकने के प्रयासों में जुटी हुई है। अस्पताल परिसर में उनके व्यापारिक मित्रों और परिजनों का हुजूम उमड़ पड़ा है। हर कोई इस बात से स्तब्ध है कि एक सुरक्षित अपार्टमेंट के भीतर घुसकर किसी पर इस तरह हमला कैसे हो सकता है।

पुलिसिया पड़ताल: सीसीटीवी फुटेज और एफएसएल की एंट्री

वारदात की सूचना मिलते ही सिटी एसपी दीक्षा और शास्त्री नगर थानाध्यक्ष दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने जीएस इंकलेव अपार्टमेंट के प्रवेश द्वार और लिफ्ट के पास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है। सिटी एसपी दीक्षा ने बताया कि अपराधियों की पहचान के लिए तकनीकी टीम और एफएसएल (FSL) की मदद ली जा रही है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने और अपराधियों के पैरों के निशान लेने की कोशिश की है। पुलिस को संदेह है कि अपराधी शाम से ही अपार्टमेंट के आसपास रेकी कर रहे थे और उन्हें दिलीप कुमार सिंह के आने के सटीक समय की जानकारी थी। सीसीटीवी में दो संदिग्ध युवक बाइक पर हेलमेट लगाए नजर आ रहे हैं, जिनकी पहचान के लिए आसपास के इलाकों के कैमरों को भी खंगाला जा रहा है।

रंगदारी या व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता? हर एंगल पर जांच तेज

दिलीप कुमार सिंह का निर्माण सामग्री का बड़ा कारोबार है, जिसमें अक्सर वर्चस्व की लड़ाई और ‘लेवी’ यानी रंगदारी की मांग के मामले सामने आते रहते हैं। पुलिस अब इस बिंदु पर जांच कर रही है कि क्या हाल के दिनों में दिलीप कुमार को किसी अपराधी गिरोह की ओर से धमकी भरा कॉल आया था। यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि किसी बड़े कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट को हासिल करने को लेकर उनकी व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता तो नहीं चल रही थी? उनके मोबाइल के कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वारदात से पहले उन्होंने किन लोगों से बात की थी। पुलिस अपराधियों के भागने के रूट ‘अटल पथ’ के सभी निकास द्वारों पर लगे कैमरों की भी जांच कर रही है ताकि उनकी बाइक का नंबर पता चल सके।

राजनीतिक हलचल: अस्पताल पहुंचे श्याम रजक, सरकार को घेरा

व्यापारी पर हुए इस हमले के बाद राजनीतिक पारा भी चढ़ गया है। घटना की जानकारी मिलते ही फुलवारी शरीफ के विधायक श्याम रजक अस्पताल पहुंचे और घायल कारोबारी के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने चिकित्सकों से बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का आग्रह किया। अस्पताल के बाहर मीडिया से बात करते हुए श्याम रजक ने पटना की गिरती कानून-व्यवस्था पर कड़ी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब राजधानी के बीचों-बीच एक कारोबारी अपने घर में सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता का क्या होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस केवल शराब और बालू के मामलों में व्यस्त है, जबकि अपराधी सरेआम गोलियां बरसा रहे हैं। विधायक ने एसएसपी से बात कर अपराधियों की 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी की मांग की है।

अपार्टमेंट्स की सुरक्षा पर उठे सवाल: क्या गार्ड्स केवल नाम के हैं?

जीएस इंकलेव जैसे बड़े अपार्टमेंट में निजी सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती के बावजूद अपराधियों का भीतर घुस जाना सुरक्षा तंत्र की बड़ी विफलता माना जा रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या गार्ड्स ने आने वालों की पहचान की जांच की थी? अपराधियों ने कितनी देर तक परिसर में इंतजार किया? पटना के कई अपार्टमेंट्स में सीसीटीवी कैमरे तो लगे हैं, लेकिन उनकी गुणवत्ता इतनी खराब है कि अपराधियों के चेहरे साफ नजर नहीं आते। इस घटना ने उन हजारों परिवारों को डरा दिया है जो यह सोचकर फ्लैट्स में रहते हैं कि वहां वे सुरक्षित रहेंगे। पुलिस ने अब सभी अपार्टमेंट्स की सुरक्षा समितियों को अलर्ट जारी कर अपने गार्ड्स का पुलिस वेरिफिकेशन कराने और सीसीटीवी की स्थिति सुधारने का निर्देश दिया है।

निष्कर्ष: राजधानी में बढ़ता ‘गैंग कल्चर’ और पुलिस की चुनौती

पटना में पिछले कुछ समय में व्यवसायियों पर हमलों की घटनाओं में इजाफा हुआ है। दिलीप कुमार सिंह पर हुआ यह हमला इसी बढ़ते ‘गैंग कल्चर’ का हिस्सा प्रतीत होता है। जब तक अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा नहीं होगा, तब तक ऐसी वारदातें होती रहेंगी। फिलहाल, पटना पुलिस के लिए यह साख का सवाल बन गया है कि वह कितनी जल्दी इन हमलावरों को सलाखों के पीछे भेजती है। रूबन अस्पताल में भर्ती दिलीप कुमार सिंह की सलामती के लिए दुआओं का दौर जारी है, वहीं पुलिस की टीमें शहर के अलग-अलग कोनों में संदिग्धों की तलाश में छापेमारी कर रही हैं।

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