
भागलपुर | 31 मार्च 2026: भागलपुर संसदीय क्षेत्र में आयुष चिकित्सा सेवाओं के विस्तार को लेकर लोकसभा में एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया गया है। क्षेत्र के सांसद अजय कुमार मंडल ने अतारांकित प्रश्न संख्या 5607 (उत्तर तिथि: 27 मार्च 2026) के माध्यम से आयुष अस्पतालों की स्थापना, औषधालयों के विस्तार, चिकित्सकों की उपलब्धता और औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने जैसे अहम विषयों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
इस प्रश्न के जवाब में आयुष मंत्रालय की ओर से विस्तृत जानकारी दी गई, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार की भूमिका स्पष्ट की गई।
आयुष अस्पतालों की स्थापना: राज्य सरकार की जिम्मेदारी
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि आयुष अस्पतालों और औषधालयों की स्थापना मुख्य रूप से राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती है। हालांकि, राष्ट्रीय आयुष मिशन (NAM) के तहत केंद्र सरकार वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
इस योजना के अंतर्गत 10, 30 और 50 बेड वाले एकीकृत आयुष अस्पतालों की स्थापना तथा आयुष औषधालयों के निर्माण के लिए अनुदान दिया जाता है। राज्य सरकार अपनी वार्षिक कार्य योजना के माध्यम से प्रस्ताव भेजकर इस योजना का लाभ उठा सकती है।
आयुष सेवाओं का एकीकरण: अभी बाकी है रास्ता
सरकार ने यह भी बताया कि फिलहाल आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आयुष चिकित्सा पैकेज शामिल नहीं किए गए हैं। ऐसे में आयुष सेवाओं को मुख्यधारा की स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ने की दिशा में अभी और प्रयास की जरूरत है।
चिकित्सकों की उपलब्धता पर राज्य की भूमिका अहम
आयुष चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति और उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। हालांकि, केंद्र सरकार NAM के तहत आयुष अस्पतालों के उन्नयन, आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) और जन स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए मानव संसाधन सहयोग प्रदान कर रही है।
औषधीय खेती को बढ़ावा: किसानों के लिए अवसर
बिहार में औषधीय पौधों की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली रोपण सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है और उन्हें आधुनिक खेती तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
यह पहल जाधवपुर विश्वविद्यालय, कोलकाता के क्षेत्रीय केंद्र के माध्यम से संचालित की जा रही है, जिससे किसानों को नई आय के अवसर मिल सकते हैं।
क्षेत्रीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
सांसद अजय कुमार मंडल द्वारा उठाया गया यह मुद्दा भागलपुर में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस दिशा में ठोस पहल करें, तो आयुष क्षेत्र न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाएगा, बल्कि किसानों के लिए भी नई संभावनाएं पैदा करेगा।
लोकसभा में उठाया गया यह प्रश्न भागलपुर में आयुष सेवाओं के विस्तार की आवश्यकता को उजागर करता है। आने वाले समय में यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो यह क्षेत्र स्वास्थ्य और कृषि—दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।


