
पटना | 31 मार्च 2026 बिहार पुलिस के एक रसूखदार अधिकारी और किशनगंज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-1 (SDPO) गौतम कुमार भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिर गए हैं। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच में खुलासा हुआ है कि उन्होंने अपनी वैध आय से करीब 60.27% अधिक संपत्ति अर्जित की है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उनकी अवैध संपत्ति का मूल्य लगभग 1.94 करोड़ रुपये आंका गया है। 29 मार्च 2026 को उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
बेनामी संपत्तियों का जाल: रिश्तेदारों के नाम पर निवेश
जांच में सामने आया है कि गौतम कुमार ने अपनी कथित काली कमाई को छिपाने के लिए रिश्तेदारों और करीबी लोगों के नाम पर संपत्तियां खरीदीं।
इनमें प्रमुख नाम शामिल हैं:
- पत्नी: रूबी कश्यप
- सास: पूनम देवी
- महिला मित्र: शगुफ्ता शमीम
रिपोर्ट के अनुसार:
- पूर्णिया के डगरुआ में NH किनारे करीब 3 बीघा जमीन
- मधुबनी मोहल्ले में लगभग 2 करोड़ का चार मंजिला मकान
- इसके अलावा सिलीगुड़ी, गंगटोक, गुरुग्राम और पुणे में भी निवेश के सुराग मिले हैं
लक्जरी गाड़ियां और फर्जी सिम का इस्तेमाल
जांच एजेंसी के मुताबिक, गौतम कुमार को महंगी गाड़ियों का शौक था। उनके पास:
- हुंडई क्रेटा
- दो महिंद्रा थार
बताया गया है कि कुछ वाहन दूसरों के नाम पर रजिस्टर्ड थे।
इसके अलावा, जांच में यह भी सामने आया कि वे फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छिपाते थे और बैंक खातों के जरिए ‘चेन ट्रांसफर’ कर मनी लॉन्ड्रिंग को अंजाम देते थे।
परिवार भी जांच के घेरे में
आर्थिक अपराध इकाई ने इस पूरे मामले को एक संगठित आपराधिक षड्यंत्र बताया है।
जांच में पाया गया कि:
- शगुफ्ता शमीम के नाम पर 2019 से अब तक 7 भूखंड खरीदे गए
- पत्नी और सास की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है
EOU ने संकेत दिया है कि इन सभी के खिलाफ सहयोग और दुष्प्रेरण (Abetment) का मामला बनता है।
जांच जारी, छापेमारी की तैयारी
इस मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक इंद्र प्रकाश को सौंपी गई है।
सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही आरोपियों के ठिकानों पर बड़ी छापेमारी हो सकती है।


