
बिहार की राजनीति में उस समय नया मोड़ आ गया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राजनीति से संन्यास लेने और उत्तराधिकारी घोषित करने के बाद उनके पुत्र निशांत कुमार पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए। इस दौरान उन्होंने अपने पिता के फैसले और अपनी भविष्य की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया दी।
दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना
मंगलवार को निशांत कुमार पटना के राजा बाजार स्थित दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे। मंदिर परिसर में उन्होंने विधिवत मां दुर्गा का आशीर्वाद लिया और माथा टेका।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि वे यहां “प्रमोद अंकल” के आमंत्रण पर दर्शन के लिए आए थे।
पिता के फैसले पर भावुक प्रतिक्रिया
जब पत्रकारों ने उनसे नीतीश कुमार के राजनीति छोड़ने और विरासत सौंपने को लेकर सवाल किया, तो निशांत कुमार ने संतुलित प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा:
“पिताजी ने जो निर्णय लिया है, मैं उसे पूरी तरह स्वीकार करता हूँ। जिस तरह जनता का प्यार और स्नेह उन्हें मिला है, वही हमारे परिवार और पार्टी पर बना रहे—मैं मां दुर्गा से यही प्रार्थना करता हूँ।”
क्या शुरू होगा ‘निशांत युग’?
निशांत कुमार के इस बयान को बिहार की राजनीति में एक संभावित नए दौर की शुरुआत के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। अब तक सक्रिय राजनीति से दूर रहने वाले निशांत कुमार का यह सार्वजनिक प्रकट होना उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत माना जा रहा है।
मंदिर में मौजूद लोगों की भीड़ और उनके प्रति उत्साह यह दर्शाता है कि वे धीरे-धीरे जनसंपर्क बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।


