
पटना | 31 मार्च 2026: बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि जल्द सामने आने वाली है। बख्तियारपुर–बाढ़–मोकामा मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। करीब 45 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के फोरलेन में तब्दील होते ही यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी और सफर पहले से कहीं ज्यादा तेज और सुगम हो जाएगा।
पथ निर्माण विभाग द्वारा संचालित यह परियोजना राज्य की प्रमुख कनेक्टिविटी योजनाओं में से एक मानी जा रही है, जिसका सीधा लाभ पटना से मोकामा और आसपास के इलाकों में यात्रा करने वाले लाखों लोगों को मिलेगा।
तेजी से चल रहा है निर्माण कार्य
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का काम लगभग पूरा हो चुका है। अंतिम चरण के कार्य तेजी से किए जा रहे हैं, जिसके बाद इस मार्ग को आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
यह सड़क अथमलगोला (करजान, बख्तियारपुर ताजपुर पुल) से शुरू होकर बाढ़, पंडारक मोड़, शिवनार होते हुए मोकामा और फिर मोकामा बाजार से बाटा चौक तक जाती है। इस पूरे कॉरिडोर को आधुनिक मानकों के अनुसार विकसित किया जा रहा है।
जाम से मिलेगी स्थायी राहत
पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल के अनुसार, इस लिंक रोड के तैयार होने के बाद एनएच-31 पर लगने वाले जाम से लोगों को काफी हद तक राहत मिलेगी। यह सड़क वैकल्पिक मार्ग के रूप में काम करेगी, जिससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा और यात्रा का समय घटेगा।
उन्होंने बताया कि यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
इस फोरलेन सड़क के बनने से आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों का जुड़ाव राष्ट्रीय राजमार्गों से बेहतर होगा। खासकर कृषि आधारित क्षेत्रों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी, जिससे उनकी आय में भी वृद्धि होने की संभावना है।
इसके अलावा, व्यापार और परिवहन गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
फैक्ट फाइल: परियोजना की प्रमुख बातें
- कुल लंबाई: 45.70 किलोमीटर
- परियोजना लागत: ₹249.881 करोड़
- सड़क की चौड़ाई: 6.50 मीटर से बढ़ाकर 11.00 मीटर (फोरलेन)
- रूट: अथमलगोला से मोकामा बाटा चौक तक
यात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा
इस सड़क के चालू होने के बाद बख्तियारपुर से मोकामा तक का सफर मिनटों में तय किया जा सकेगा। जहां पहले जाम और खराब सड़क के कारण घंटों लग जाते थे, वहीं अब यात्रा तेज, सुरक्षित और आरामदायक हो जाएगी।
बख्तियारपुर–बाढ़–मोकामा फोरलेन परियोजना बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसके पूरा होते ही न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी। आने वाले समय में यह सड़क राज्य की लाइफलाइन के रूप में उभर सकती है।


