मुजफ्फरपुर, 31 मार्च 2026: शहर में अपराधियों के हौसले एक बार फिर बुलंद नजर आए हैं। सोमवार को महज छह घंटे के भीतर दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में गोलीबारी की घटनाओं में एक युवती समेत दो लोगों की हत्या कर दी गई। ताजा मामले में अहियापुर थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े प्रॉपर्टी डीलर प्रभाकर सिंह (45) की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई है।
चलती बाइक पर किया गया हमला
घटना सोमवार दोपहर करीब 1:15 बजे की है। जानकारी के अनुसार, प्रभाकर सिंह बाइक से अहियापुर चौक से बाड़ा जगन्नाथ चौक की ओर जा रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार दो अपराधियों ने उनका पीछा किया और आनंदेश्वर मंदिर के पास चलते वाहन पर ही ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अपराधियों ने चार राउंड गोलियां चलाईं, जिसमें तीन गोलियां प्रभाकर सिंह को लगीं—एक सिर में और दो शरीर के बाएं हिस्से में। गोली लगते ही वह बाइक समेत सड़क किनारे मंदिर गेट के पास गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर तेजी से बखरी की ओर फरार हो गए।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
स्थानीय लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल प्रभाकर सिंह को बैरिया स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
सीसीटीवी में कैद हुए आरोपी
पुलिस के अनुसार, गोलीबारी की यह पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
सुपारी किलिंग की आशंका, SIT गठित
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला सुनियोजित हत्या का प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि शार्प शूटर के जरिए सुपारी देकर हत्या कराए जाने की आशंका है। मामले के खुलासे के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है, जो हर पहलू से जांच कर रही है।
प्रॉपर्टी विवाद की भी जांच
पुलिस परिजनों और करीबियों से पूछताछ कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़े विवाद या पुरानी दुश्मनी इस हत्या की वजह हो सकती है।
परिजनों के अनुसार, प्रभाकर सिंह सोमवार को एक प्लॉट की रजिस्ट्री के सिलसिले में निकले थे और किसी से मिलने भी गए थे। बताया गया कि वह मूल रूप से गायघाट के बेरुआ गांव के निवासी थे और फिलहाल परिवार के साथ चाणक्यपुरी मोहल्ले में रहते थे।
राजनीतिक और सामाजिक पहचान भी थी
परिजनों ने बताया कि प्रभाकर सिंह पहले जिला परिषद का चुनाव भी लड़ चुके थे और इलाके में उनकी सामाजिक पहचान थी। उनके बड़े भाई बेरुआ चौक पर बालू-सीमेंट का व्यवसाय करते हैं।
शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं से चिंता
एक ही दिन में दो हत्याओं की घटना ने शहर की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस से अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
फिलहाल, पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए तेजी से कार्रवाई कर रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।


