मधेपुरा में रिश्तों का कत्ल: नशे में बेसुध देवर की अपनी ही सगी भौजाई से जबरन रचाई जा रही थी शादी, वायरल वीडियो ने खोली समाज की पोल, पुलिस की एंट्री से रुका ‘पकड़ुआ विवाह’ का खौफनाक खेल

  • बिहार के मधेपुरा जिले में रिश्तों की मर्यादा को तार-तार करने वाला एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए।
  • ​मुरलीगंज और कुमारखंड थाना क्षेत्र के बीच रची गई इस साजिश में एक देवर को नशीला पदार्थ खिलाकर उसे बेसुध किया गया और फिर उसकी शादी उसकी ही भाभी से कराने की कोशिश की गई।
  • ​सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक विचलित करने वाले वीडियो में साफ दिख रहा है कि दूल्हा बना युवक अपनी सुध-बुध खो चुका है, जबकि पीछे खड़े लोग जबरदस्ती उसकी शादी की रस्में पूरी करवा रहे हैं।
  • ​इस पूरे ड्रामे का अंत तब हुआ जब पुलिस ने समय रहते छापेमारी की और युवक को अपहरणकर्ताओं और जबरन शादी कराने वालों के चंगुल से मुक्त कराया।
  • ​मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने किडनैपिंग और नशीला पदार्थ खिलाने की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मधेपुरा (द वॉयस ऑफ बिहार)।

रिश्तों की दहलीज पर साजिश का साया और एक बेबस देवर की दास्तां

बिहार की धरती से अक्सर ‘पकड़ुआ विवाह’ की खबरें आती रहती हैं, लेकिन मधेपुरा जिले के मुरलीगंज थाना क्षेत्र से जो मामला सामने आया है, उसने इस कुप्रथा के एक नए और घिनौने स्वरूप को उजागर किया है। यह कहानी केवल एक युवक के अपहरण की नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी साजिश है जिसमें रिश्तों की पवित्रता को लालच और जिद की भेंट चढ़ा दिया गया। काशीपुर निवासी स्वर्गीय तारिणी प्रसाद शाह के घर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब उनका छोटा बेटा मुकेश कुमार अचानक लापता हो गया। बड़े भाई राजेश कुमार ने काफी खोजबीन की, लेकिन जब मुकेश का कहीं पता नहीं चला, तो उन्हें अनहोनी की आशंका सताने लगी। राजेश ने तुरंत मुरलीगंज थाने पहुंचकर अपने भाई के अपहरण की लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्हें क्या पता था कि उनका सगा भाई उन्हीं की पत्नी यानी अपनी सगी भौजाई के साथ सात फेरे लेने की दहलीज पर खड़ा कर दिया गया है।

नशे की हालत में ‘दूल्हा’ और मंत्रोच्चार के बीच रची गई खौफनाक शादी

जैसे ही पुलिस ने राजेश कुमार के आवेदन पर तफ्तीश शुरू की, सोशल मीडिया पर एक वीडियो ने पुलिस के होश उड़ा दिए। यह वीडियो कुमारखंड थाना क्षेत्र के टिकुलिया गांव का बताया जा रहा था। वीडियो में जो दृश्य कैद थे, वे किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक थे। एक युवक, जिसकी पहचान लापता मुकेश कुमार के रूप में हुई, पूरी तरह से नशे की हालत में बेसुध पड़ा था। उसका सिर बार-बार लुढ़क रहा था और वह अपने पैरों पर खड़ा होने की स्थिति में भी नहीं था। इसके बावजूद, उसके सिर पर सेहरा सजाया गया था और एक पंडित जी बेपरवाह होकर मंत्र पढ़ रहे थे। आसपास मौजूद कुछ लोग, जो कथित तौर पर लड़की (भौजाई) के मायके वाले थे, जल्दबाजी में सिंदूरदान की रस्म पूरी कराने की कोशिश कर रहे थे। युवक की ऐसी हालत देखकर भी किसी का दिल नहीं पसीजा, बल्कि लोग इस ‘तमाशे’ का आनंद लेते और वीडियो बनाते नजर आए।

दो साल की रंजिश और मासूम बेटी के भविष्य पर लगा प्रश्नचिह्न

इस अजीबोगरीब और अवैध शादी के पीछे की पृष्ठभूमि काफी पेचीदा है। बताया जा रहा है कि मुकेश के बड़े भाई राजेश कुमार और उनकी पत्नी (मुकेश की भौजाई) के बीच पिछले दो वर्षों से गहरा विवाद चल रहा था। विवाद इतना बढ़ गया था कि महिला अपने पति का घर छोड़कर मायके में रह रही थी। इस शादीशुदा जोड़े की एक 8 साल की मासूम बेटी भी है। आरोप है कि महिला के मायके वालों ने अपने पारिवारिक विवाद को सुलझाने या संपत्ति पर कब्जा जमाने के इरादे से एक बेहद खतरनाक रास्ता चुना। उन्होंने मुकेश कुमार को किसी बहाने से बुलाया और उसे नशीला पदार्थ खिलाकर अचेत कर दिया। योजना यह थी कि अगर मुकेश की शादी उसकी भौजाई से हो जाती है, तो मामला हमेशा के लिए उनके पक्ष में सुलझ जाएगा। एक मां का अपनी ही बेटी के भविष्य की चिंता किए बिना अपने देवर के साथ ऐसी हरकत करना समाज की गिरती नैतिकता का प्रमाण है।

पुलिस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ और मौत के मुंह से लौटे मुकेश की घर वापसी

मुरलीगंज थाना अध्यक्ष अजीत कुमार ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया। तकनीकी इनपुट और वायरल वीडियो के लोकेशन के आधार पर पुलिस ने कुमारखंड के टिकुलिया गांव में अचानक छापेमारी की। पुलिस की धमक सुनते ही शादी का मंडप सजाने वाले और जबरन रस्में कराने वाले लोग तितर-बितर हो गए। पुलिस ने मौके से नशे में धुत मुकेश कुमार को बरामद किया और उसे तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। मुकेश को जब होश आया, तो वह यह जानकर सन्न रह गया कि उसके साथ क्या करने की कोशिश की जा रही थी। पुलिस ने उसे सुरक्षित उसके भाई राजेश कुमार के सुपुर्द कर दिया है। मुरलीगंज पुलिस ने इस मामले में अपहरण, नशीला पदार्थ खिलाने और जबरन शादी कराने की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

पकड़ुआ विवाह का बदलता स्वरूप: कानून के लिए नई चुनौती

मधेपुरा की यह घटना यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या आज भी बिहार में कानून का डर अपराधियों और दबंगों के मन से खत्म हो चुका है? ‘पकड़ुआ विवाह’ आमतौर पर कुंवारे लड़कों के साथ होता है, जिन्हें अगवा कर किसी अनजान लड़की से शादी करा दी जाती है। लेकिन यहां तो रिश्ता पहले से ही तय था—देवर और भौजाई का। सगी भाभी के साथ देवर की जबरन शादी कराना न केवल कानूनी रूप से अपराध है, बल्कि यह हिंदू विवाह अधिनियम और सामाजिक मान्यताओं का भी घोर उल्लंघन है। विशेषज्ञों का मानना है कि नशीला पदार्थ खिलाकर किसी की सहमति के बिना की गई ऐसी शादियों की कोई कानूनी वैधता नहीं होती, लेकिन इससे पीड़ित युवक के मानसिक स्वास्थ्य पर जो गहरा आघात पहुंचता है, उसकी भरपाई नामुमकिन है।

समाज के रक्षकों और पंडितों की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना ने उस पंडित की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं जो एक बेसुध युवक की शादी करा रहे थे। क्या एक धर्मगुरु का यह दायित्व नहीं था कि वह ऐसी अवैध प्रक्रिया को रोकते? वीडियो में साफ दिख रहा है कि पंडित जी केवल अपनी दक्षिणा और रस्म पूरी करने में जुटे थे, उन्हें इस बात से कोई सरोकार नहीं था कि दूल्हा होश में है भी या नहीं। साथ ही, टिकुलिया गांव के वे लोग जो मूकदर्शक बने रहे या वीडियो बनाते रहे, वे भी इस अपराध में बराबर के भागीदार माने जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस थोड़ी भी देर करती, तो शायद मुकेश की जिंदगी हमेशा के लिए बर्बाद हो जाती।

थानाध्यक्ष अजीत कुमार का संकल्प: ‘दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेंगे’

मुरलीगंज थाना अध्यक्ष अजीत कुमार ने स्पष्ट किया है कि पुलिस इस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो में जितने भी चेहरे नजर आ रहे हैं, उनकी पहचान की जा रही है। नशीला पदार्थ कहां से आया और मुकेश को किस तरह अगवा कर टिकुलिया लाया गया, इसके पीछे के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा। पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या इस साजिश में मुकेश के परिवार का भी कोई सदस्य शामिल था या यह पूरी तरह से उसके ससुराल पक्ष (भौजाई के मायके) की करतूत है। अजीत कुमार ने भरोसा दिलाया है कि इस मामले में ऐसी सख्त कार्रवाई की जाएगी जो भविष्य के लिए एक मिसाल बनेगी।

खौफ के साए में पीड़ित परिवार और इंसाफ की उम्मीद

फिलहाल, मुकेश कुमार और उनका भाई राजेश कुमार डरे हुए हैं। उन्हें डर है कि आरोपी पक्ष दोबारा उन पर हमला कर सकता है या किसी अन्य तरीके से प्रताड़ित कर सकता है। मधेपुरा पुलिस ने उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दिया है। इस घटना ने पूरे जिले में एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या पारिवारिक विवादों को सुलझाने के लिए इस तरह के अमानवीय और गैर-कानूनी तरीके अपनाना सही है? समाज के प्रबुद्ध लोगों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और मांग की है कि दोषियों को स्पीडी ट्रायल के जरिए सजा दिलाई जाए। द वॉयस ऑफ बिहार की टीम इस मामले की हर कानूनी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए है ताकि आप तक सबसे सटीक और विस्तृत जानकारी पहुंचती रहे।

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