
पटना, 30 मार्च। बिहार में गरीब परिवारों के लिए पक्के घर का सपना अब तेजी से हकीकत बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत राज्य सरकार ने ‘आवास प्लस 2.0’ के माध्यम से बड़े पैमाने पर सर्वे और सत्यापन पूरा कर लिया है। इस प्रक्रिया में 1 करोड़ 4 लाख से अधिक नए परिवारों को प्रतीक्षा सूची में शामिल किया गया है, जिन्हें आने वाले समय में आवास का लाभ मिलेगा।
जल्द जारी होगी प्राथमिक सूची, 2026-27 में मिलेगा लाभ
ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, लाभुकों का सत्यापन पूरा हो चुका है और अब प्राथमिकता सूची तैयार की जा रही है। केंद्र सरकार से लक्ष्य और राशि मिलते ही वित्तीय वर्ष 2026-27 में पात्र परिवारों को चरणबद्ध तरीके से पक्के घर उपलब्ध कराए जाएंगे।
बिहार पहले ही बना चुका है राष्ट्रीय रिकॉर्ड
आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2016-17 से 2021-22 के बीच बिहार ने 36 लाख 61 हजार गरीब परिवारों को पक्का घर देकर देश में पहला स्थान हासिल किया था। वहीं, 2021-22 से 2025-26 के बीच 2 लाख 88 हजार 743 परिवारों को आवास उपलब्ध कराया गया।
इस तरह अब तक राज्य में कुल 39 लाख 49 हजार 743 गरीब परिवारों को पक्के मकान का लाभ मिल चुका है। इस योजना के क्रियान्वयन पर अब तक करीब 53,952 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
तीन किस्तों में मिलती है सहायता राशि
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत लाभुकों को कुल 1 लाख 54 हजार 950 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो तीन किस्तों में दी जाती है। इसमें:
- 1.20 लाख रुपये मकान निर्माण के लिए
- 22,950 रुपये मनरेगा के तहत मजदूरी
- 12 हजार रुपये शौचालय निर्माण के लिए शामिल हैं
सरकार का दावा: “सबसे ज्यादा घर बिहार में”
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि इस योजना से गरीबों की जिंदगी में बड़ा बदलाव आया है। पक्का घर मिलने से न सिर्फ सुरक्षा बढ़ी है, बल्कि जीवन स्तर भी बेहतर हुआ है।
उन्होंने बताया कि एक करोड़ से अधिक नए लाभुकों का सत्यापन पूरा हो चुका है और सूची को मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। जैसे ही स्वीकृति मिलेगी, आवास निर्माण का कार्य तेजी से शुरू किया जाएगा।
गरीबों के लिए उम्मीद की किरण
सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र परिवार बिना पक्के घर के न रहे। बड़े स्तर पर किए गए इस सर्वे और सूची विस्तार से अब लाखों परिवारों को अपने घर का सपना पूरा होने की उम्मीद जगी है।


