
न्यूज डायरी: आसमान से ‘आफत’ की आहट और पारा का उतार-चढ़ाव
- येलो अलर्ट: मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार (31 मार्च, 2026) के लिए पटना सहित पूरे बिहार में येलो अलर्ट जारी किया है.
- तूफानी हवाएं: राज्य के कई हिस्सों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (Squall) चलने की संभावना है.
- बारिश और वज्रपात: गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और बिजली गिरने (Lightning) की प्रबल आशंका है.
- तापमान का खेल: सोमवार को पटना के पारे में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी देखी जाएगी, लेकिन मंगलवार को बारिश के बाद तापमान में फिर से गिरावट दर्ज होगी.
- सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र: पूर्वी बिहार के जिले—पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, सुपौल, भागलपुर और जमुई में मौसम अधिक आक्रामक रह सकता है.
- VOB इनसाइट: मार्च के अंत में मौसम का यह ‘यू-टर्न’ सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और ट्रफ लाइन के असर के कारण है। जहाँ सोमवार को चिलचिलाती धूप और बढ़ता तापमान लोगों को परेशान करेगा, वहीं मंगलवार को प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। 60 किमी की रफ्तार वाली हवाएं कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं। विशेष रूप से किसानों के लिए यह चिंता का विषय है, क्योंकि तैयार फसलों पर ओलावृष्टि या तेज बारिश का खतरा मंडरा रहा है।
पटना | 30 मार्च, 2026
बिहार में मौसम एक बार फिर अपनी चाल बदलने को तैयार है। रविवार को मिली संक्षिप्त राहत के बाद अब आसमान में बादलों की फौज इकट्ठा होने लगी है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार, मंगलवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में ‘थंडरस्टॉर्म’ (Thunderstorm) की स्थिति बनेगी। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, 31 मार्च की दोपहर के बाद मौसम का मिजाज तेजी से बिगड़ेगा, जो शाम और रात तक जारी रह सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर: क्यों बिगड़ रहा है मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है, जिसका प्रभाव बिहार तक पहुँच रहा है। इसके साथ ही एक ट्रफ लाइन बिहार से होकर गुजर रही है, जो बंगाल की खाड़ी से नमी खींच रही है। इस संगम के कारण वायुमंडल में अस्थिरता पैदा हो गई है। इसी के चलते मंगलवार को ‘थंडरस्क्वाल’ (Thundersquall) की स्थिति बन रही है, जिसमें हवा की रफ्तार 50-60 किमी प्रति घंटे तक पहुँच सकती है.
प्रमुख चेतावनी: वज्रपात और आंधी से रहें सावधान
मौसम विभाग ने विशेष रूप से वज्रपात (Lightning) को लेकर सचेत रहने को कहा है। बिहार में मानसून से पहले होने वाली बारिश अक्सर जानलेवा बिजली गिरने की घटनाओं के साथ आती है।
सावधानी बरतने वाले जिले:
- उत्तर और पूर्वी बिहार: पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज और सुपौल में भारी गर्जना की संभावना है.
- दक्षिण बिहार: पटना, गया, भागलपुर और जमुई में धूल भरी आंधी और छिटपुट बारिश के आसार हैं.
तापमान का ग्राफ: सोमवार की ‘तपन’ और मंगलवार की ‘राहत’
सोमवार को पटना का अधिकतम तापमान 35°C से 36°C के आसपास रहने का अनुमान है, जो सामान्य से 2-3 डिग्री अधिक होगा. हालांकि, मंगलवार दोपहर बाद शुरू होने वाली बारिश और ठंडी हवाओं के कारण पारा 4 से 6 डिग्री तक गिर सकता है।
पटना वेदर प्रोफाइल (30-31 मार्च 2026):
तिथि | अधिकतम तापमान | न्यूनतम तापमान | मौसम की स्थिति |
|---|---|---|---|
30 मार्च (सोमवार) | 35°C – 36°C | 24°C | साफ आसमान, धूप और उमस |
31 मार्च (मंगलवार) | 32°C – 34°C | 18°C – 20°C | आंधी, गरज के साथ बारिश और बिजली |
सुरक्षा एडवाइजरी: क्या करें और क्या न करें?
’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) प्रशासन की ओर से जारी इन सावधानियों का पालन करने की अपील करता है:
- पेड़ों के नीचे शरण न लें: आंधी के दौरान पेड़ों के गिरने या बिजली गिरने का खतरा सबसे अधिक होता है।
- बिजली के खंभों से दूर रहें: तेज हवाओं के कारण तार टूटने की आशंका रहती है।
- किसानों के लिए सलाह: कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखें ताकि बारिश से नुकसान न हो।
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: मेघ गर्जना के दौरान टीवी, फ्रिज और अन्य बिजली के उपकरणों के प्लग निकाल दें।
VOB का नजरिया: बदलता क्लाइमेट और हमारी तैयारी
मार्च के महीने में इस तरह की बार-बार होने वाली बारिश ग्लोबल वार्मिंग और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र में बदलाव का संकेत है।
- शहरी जलनिकासी: पटना नगर निगम को सावधान रहना होगा, क्योंकि हल्की बारिश में भी शहर के कई निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या पैदा हो जाती है।
- बिजली विभाग: 60 किमी की हवाएं अक्सर बिजली की आपूर्ति ठप कर देती हैं। विभाग को अपनी ‘क्विक रिस्पांस टीम’ (QRT) को अलर्ट पर रखना चाहिए।
कल का दिन चुनौतीपूर्ण
बिहार के लिए मंगलवार का दिन मौसम के लिहाज से काफी उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। 31 मार्च की यह आंधी-बारिश अप्रैल की तपती गर्मी से पहले की एक ‘अस्थाई राहत’ तो देगी, लेकिन अपने साथ सुरक्षा की चुनौतियां भी लाएगी।
’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) मौसम विभाग के सैटेलाइट इमेजरी, जिलावार बारिश के आंकड़ों और आंधी के कारण होने वाले संभावित नुकसान की हर ताज़ा अपडेट आप तक सबसे पहले पहुँचाता रहेगा।


