
कोलकाता, रेलवे प्लेटफॉर्म पर ट्रेन के छूटने से ठीक पहले का समय अक्सर सबसे ज्यादा अफरा-तफरी भरा होता है। इसी जल्दबाजी में कई यात्री एक खतरनाक गलती कर बैठते हैं—चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश। पूर्व रेलवे ने इसे “जानलेवा जुआ” बताते हुए यात्रियों को सख्त चेतावनी जारी की है और कहा है कि यह आदत कभी भी बड़े हादसे में बदल सकती है।
दरअसल, प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच का संतुलन तभी सुरक्षित होता है जब ट्रेन पूरी तरह से रुकी हो। जैसे ही ट्रेन चलती है, उसकी गति और भारी वजन के कारण चढ़ना या उतरना बेहद जोखिम भरा हो जाता है। एक छोटी सी चूक—जैसे पैर फिसलना या संतुलन बिगड़ना—सीधे पटरी और प्लेटफॉर्म के बीच गिरने का कारण बन सकती है, जो कई बार जानलेवा साबित होती है।
पिछले कुछ महीनों में पूर्व रेलवे के अलग-अलग स्टेशनों पर ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जहां यात्रियों ने चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश की और गंभीर हादसे होते-होते बचे। दमदम जंक्शन, जसीडीह, भागलपुर और साहिबगंज जैसे प्रमुख स्टेशनों पर RPF की सतर्कता से कई लोगों की जान बचाई गई। कहीं यात्री ट्रेन से लटकते हुए नजर आए, तो कहीं लोग संतुलन खोकर गिरने ही वाले थे, लेकिन समय रहते सुरक्षा बल ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
फरवरी 2026 में भी कई चिंताजनक घटनाएं दर्ज की गईं। बिधान नगर स्टेशन पर एक यात्री चलती ट्रेन से लटक गया था, जिसे RPF ने तुरंत प्लेटफॉर्म पर खींचकर बचाया। दुर्गापुर में एक बुजुर्ग व्यक्ति ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फिसल गया, जहां स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि ट्रेन को आपातकालीन ब्रेक लगाना पड़ा। वहीं सुल्तानगंज में भी एक बुजुर्ग को इसी तरह की खतरनाक स्थिति से बचाया गया।
इन घटनाओं से साफ है कि एक छोटी सी लापरवाही कितनी बड़ी दुर्घटना का रूप ले सकती है। हालांकि रेलवे सुरक्षा बल की तत्परता ने कई जिंदगियां बचाई हैं, लेकिन हर बार ऐसा संभव हो, यह जरूरी नहीं है।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने स्पष्ट कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा में रेलवे कोई कमी नहीं छोड़ रहा है, लेकिन यात्रियों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने सभी यात्रियों से अपील की कि वे कभी भी चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने की कोशिश न करें।
उन्होंने यह भी कहा कि प्लेटफॉर्म यात्रियों के सुरक्षित इंतजार के लिए बनाया गया है, जबकि पटरियां केवल ट्रेनों के संचालन के लिए हैं। कुछ मिनट की देरी से पहुंचना बेहतर है, बजाय इसके कि जल्दबाजी में अपनी जान जोखिम में डाल दी जाए।
पूर्व रेलवे ने लोगों से आग्रह किया है कि वे खुद भी सतर्क रहें और दूसरों को भी जागरूक करें। सुरक्षित यात्रा तभी संभव है जब यात्री नियमों का पालन करें और अनावश्यक जोखिम लेने से बचें।


