
कोलकाता, 29 मार्च 2026: भारतीय रेल में सफर अब सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह अनुभव अब धीरे-धीरे “चलते-फिरते घर” जैसा होता जा रहा है। पूर्व रेलवे ने अपनी ट्रेनों में यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए एक बड़ा और प्रभावी कदम उठाया है, जिसके तहत सफाई, आराम और सेवा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा रहा है।
पूर्व रेलवे द्वारा संचालित 123 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में से 102 ट्रेनों को अब अत्याधुनिक ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग सर्विस (OBHS) योजना के तहत शामिल किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को पूरी यात्रा के दौरान साफ-सुथरा, ताजा और आरामदायक माहौल उपलब्ध कराना है।
यात्रा शुरू होते ही फर्क महसूस होता है। हर आरक्षित कोच में सफाई के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती की गई है, जो ट्रेन खुलने के तुरंत बाद यात्रियों से संपर्क कर उन्हें उपलब्ध सेवाओं की जानकारी देते हैं। एसी कोच में यात्रियों को समय पर साफ और व्यवस्थित बेडरोल उपलब्ध कराया जाता है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा भी आरामदायक बनती है।
यात्रियों की सुविधा के लिए हर कोच में आकर्षक स्टिकर लगाए गए हैं, जिन पर डिविजनल कैरेज कंट्रोल के मोबाइल नंबर दर्ज रहते हैं। किसी भी समय सफाई, पानी या अन्य जरूरतों के लिए यात्री सीधे संपर्क कर सकते हैं, जिससे सेवा तुरंत उपलब्ध हो सके।
रात के समय भी सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक विशेष गहन सफाई अभियान चलाया जाता है, ताकि यात्री सुबह एक साफ और ताजा वातावरण में जाग सकें। हालांकि, जरूरत पड़ने पर यह सेवा 24 घंटे उपलब्ध रहती है।
पूर्व रेलवे ने इस व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए डिजिटल तकनीक का सहारा लिया है। “क्लीन रेल” ऐप के जरिए सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति और काम की निगरानी की जाती है। यात्रा के दौरान भी कर्मचारियों की गतिविधियों को ट्रैक किया जाता है, जिससे सेवा की गुणवत्ता पर लगातार नजर बनी रहती है। इसके अलावा, कैरेज कंट्रोल विभाग सीधे यात्रियों से संपर्क कर फीडबैक भी लेता है, जिससे समस्याओं का तुरंत समाधान किया जा सके।
सिर्फ तकनीक ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों के व्यवहार और जिम्मेदारी पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नियमित काउंसलिंग सत्रों के माध्यम से उन्हें यात्रियों की शिकायतों और जरूरतों के प्रति संवेदनशील बनाया जाता है। साथ ही, अधिकारियों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाता है कि सेवा में किसी प्रकार की कमी न रहे। खराब प्रदर्शन की स्थिति में सख्त कार्रवाई का भी प्रावधान रखा गया है।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने इस पहल पर कहा कि यात्रियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और रेलवे का उद्देश्य हर सफर को साफ, सुरक्षित और यादगार बनाना है। उन्होंने बताया कि डिजिटल मॉनिटरिंग और मजबूत कार्यान्वयन के जरिए रेलवे लगातार सेवा स्तर में सुधार कर रहा है।
पूर्व रेलवे की यह पहल न केवल सफाई व्यवस्था को मजबूत करती है, बल्कि यात्रियों के मन में भरोसा भी जगाती है कि उनका सफर अब पहले से ज्यादा आरामदायक और परेशानी मुक्त होगा। आने वाले समय में यह मॉडल अन्य जोनों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है, जिससे भारतीय रेल की छवि और भी बेहतर होगी।


