
मुंगेर जिले में शनिवार को अचानक आए तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। जिले के विभिन्न इलाकों में लगभग 200 बीघा क्षेत्र में लगी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। सबसे ज्यादा नुकसान मक्का की फसल को हुआ है, जबकि गेहूं, मसूर और चना की फसलें भी प्रभावित हुई हैं।
किसानों की मेहनत पर भारी नुकसान
तेज हवाओं और बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसलें जमीन पर गिर गईं और नष्ट हो गईं। किसानों का कहना है कि यह आपदा फसल कटाई से ठीक पहले आई, जिससे उनकी सारी उम्मीदें टूट गई हैं। कई किसान कर्ज लेकर खेती करते हैं, और अब फसल नष्ट होने के बाद कर्ज चुकाना उनके लिए मुश्किल हो गया है।
स्थानीय किसानों का दर्द
स्थानीय किसान बमबम यादव ने कहा, “फसल हमारे लिए केवल आय का साधन नहीं, बल्कि परिवार का सहारा और बच्चों का भविष्य है। कर्ज लेकर खेती की थी, अब चुकाना भी भारी पड़ रहा है।” उन्होंने जिला प्रशासन से प्रभावित खेतों का तुरंत सर्वेक्षण कर उचित मुआवजा देने की मांग की।
200 बीघा मक्का फसल बर्बाद
बबलू कुमार, रवि गुप्ता, विशाल यादव, विलास यादव, श्रीराम सिंह और अन्य किसानों ने बताया कि आंधी-तूफान और बारिश में लगभग 200 बीघा मक्का की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। बबलू कुमार ने कहा, “आंधी-तूफान के साथ हुई भारी बारिश में हमारी लगभग 200 बीघा मक्का की फसल नष्ट हो गई है। सरकार से मांग करते हैं कि हमें मुआवजा दें।”
लगातार दूसरी आपदा
यह घटना पिछले 10 दिनों के भीतर दूसरी बार हुई है जब बेमौसम बारिश और तूफान ने मुंगेर के किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। लगातार होने वाले इन प्राकृतिक आपदाओं से किसानों की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर हो गई है और कई किसान अगली फसल बोने के लिए भी संसाधनों की कमी महसूस कर रहे हैं।
सरकार से मुआवजे की अपील
किसान अब जिला प्रशासन और राज्य सरकार से जल्द राहत और उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों का तुरंत सर्वेक्षण कर क्षतिपूर्ति राशि सीधे किसानों के खातों में पहुंचाई जाए, ताकि वे इस संकट से बाहर आ सकें।


