बिहार की राजनीति में हलचल: प्रशांत किशोर का बड़ा बयान, CM चेहरे और नीतीश कुमार पर साधा निशाना

बांका, 28 मार्च 2026: बिहार की सियासत में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। चुनावी रणनीतिकार और जन सुराज अभियान के सूत्रधार ने शनिवार को बांका में आयोजित मीडिया ब्रीफिंग के दौरान मुख्यमंत्री पद और राज्य की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।

“बिहार से ज्यादा गुजरात की चिंता होगी”
प्रशांत किशोर ने कहा कि आने वाले समय में बिहार की सत्ता जिन लोगों के हाथों में जाएगी, उनकी प्राथमिकता राज्य के विकास से ज्यादा बाहरी राजनीतिक समीकरणों पर केंद्रित हो सकती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि
“नीतीश कुमार के बाद जो लोग बिहार चलाएंगे, उन्हें बिहार से ज्यादा गुजरात की चिंता होगी।”
उनके इस बयान को राष्ट्रीय राजनीति और केंद्र-राज्य संबंधों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

नीतीश कुमार पर सीधा हमला
मीडिया से बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हालिया राजनीतिक परिस्थितियों में जो बदलाव देखने को मिल रहे हैं, वह जनता की वास्तविक पसंद का प्रतिबिंब नहीं हैं।
पीके ने तंज कसते हुए कहा कि
“नीतीश कुमार की जीत में जनता की लोकप्रियता का उतना योगदान नहीं है, इसलिए उन्हें अपना पद छोड़ने की नौबत आ रही है।”

राज्यसभा जाने की अटकलों पर प्रतिक्रिया
नीतीश कुमार के संभावित राज्यसभा जाने को लेकर उठ रही चर्चाओं पर भी प्रशांत किशोर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे राजनीतिक मजबूरी बताते हुए कहा कि यह बदलाव जनता के जनादेश से ज्यादा राजनीतिक समीकरणों का परिणाम है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बने रहने के लिए लगातार राजनीतिक रणनीतियों और समीकरणों का सहारा लिया जा रहा है, जिससे बिहार के विकास के मुद्दे पीछे छूटते जा रहे हैं।

बिहार की राजनीति में बढ़ेगा असर
प्रशांत किशोर के इस बयान के बाद यह साफ है कि आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति और अधिक गर्माने वाली है। खासकर मुख्यमंत्री पद को लेकर संभावित बदलाव और राजनीतिक गठजोड़ों पर अब सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह के बयान आगामी चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकते हैं और राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है।

जन सुराज अभियान के जरिए सक्रिय हैं पीके
गौरतलब है कि प्रशांत किशोर इन दिनों अपने जन सुराज अभियान के तहत बिहार के विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं और लगातार जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके बयानों से यह संकेत भी मिलता है कि वह राज्य की राजनीति में एक बड़े विकल्प के रूप में खुद को स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

  • ये भी पढ़े..

    OBC छात्राओं के लिए IIT पटना से कोचिंग सहयोग, मेडिकल-इंजीनियरिंग तैयारी को मिलेगा नया बल

    Share Add as a preferred…

    बिहार संग्रहालय बना देश का रोल मॉडल, 9 राज्यों के संग्रहालय विकास में निभा रहा अहम योगदान

    Share Add as a preferred…