भागलपुर में ‘पाकिस्तानी जासूसी’ कांड का बड़ा खुलासा! नाथनगर के चंपानगर से मिला समीर शूटर का मोबाइल; दिल्ली-गाजियाबाद की खुफिया एजेंसियों ने डाली दबिश

समाचार के मुख्य बिंदु: सिल्क सिटी में सीमा पार की साजिशों का साया

  • बड़ी बरामदगी: पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले संदिग्ध समीर उर्फ शूटर का मोबाइल फोन नाथनगर के चंपानगर से बरामद।
  • गोपनीय ऑपरेशन: भागलपुर पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने ‘इम्तियाज’ नामक व्यक्ति के पास से फोन जब्त किया; आरोपी को भनक तक नहीं लगी।
  • साजिश का डेटा: मोबाइल को जांच के लिए दिल्ली/गाजियाबाद भेजा गया; पुलिस का दावा— फोन से मिल सकते हैं देश विरोधी नेटवर्क के कई अहम सुराग।
  • जासूसी का दायरा: गिरफ्तार समीर ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों और सैन्य ठिकानों की ‘रेकी’ (Recce) की थी।
  • पुराना कनेक्शन: भागलपुर का नाम पहले भी पाकिस्तानी आतंकी संगठनों और जाली नोट (FICN) के मामलों में आ चुका है।
  • VOB इनसाइट: चंपानगर जैसे घनी आबादी वाले इलाके में एक जासूस के मोबाइल का होना यह संकेत देता है कि स्लीपर सेल या उनके मददगारों का जाल स्थानीय स्तर पर सक्रिय हो सकता है।

भागलपुर | 26 मार्च, 2026

​बिहार की सिल्क सिटी एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है। पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गाजियाबाद से गिरफ्तार समीर उर्फ शूटर के मोबाइल ने भागलपुर पुलिस की रातों की नींद उड़ा दी है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, समीर की निशानदेही पर नाथनगर थाना क्षेत्र के चंपानगर से उसका मोबाइल बरामद किया गया है, जो इस पूरे जासूसी नेटवर्क की सबसे बड़ी कड़ी साबित हो सकता है।

चंपानगर में ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ स्टाइल ऑपरेशन: इम्तियाज के पास था ‘राज’

​गाजियाबाद पुलिस द्वारा समीर की गिरफ्तारी के बाद जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने खुलासा किया कि उसका मोबाइल चंपानगर के रहने वाले ‘इम्तियाज’ के पास है। इसके बाद दिल्ली की खुफिया एजेंसियों और भागलपुर पुलिस ने एक साझा जाल बुना।

ऑपरेशन की मुख्य विशेषताएं:

  • बिना आहट के दबिश: एसएसपी भागलपुर के निर्देश पर पुलिस टीम ने ऐसी घेराबंदी की कि इम्तियाज को संभलने का मौका भी नहीं मिला।
  • डेटा की सुरक्षा: पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह था कि मोबाइल बरामद होने से पहले उसमें से कोई भी जानकारी डिलीट न की जा सके।
  • इम्तियाज रडार पर: हालांकि पुलिस ने अभी मोबाइल बरामद कर गाजियाबाद भेज दिया है, लेकिन इम्तियाज और समीर के बीच के रिश्तों की गहराई से जांच की जा रही है। सवाल यह है कि समीर ने अपना सबसे संवेदनशील उपकरण इम्तियाज के पास ही क्यों छोड़ा था?

समीर उर्फ शूटर: रेलवे स्टेशन और सैन्य ठिकानों की जासूसी का मास्टरमाइंड

​गाजियाबाद पुलिस ने मंगलवार को इस नेटवर्क के तीन आरोपियों को दबोचा था। समीर, जो दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में रह रहा था, इस गिरोह का एक सक्रिय सदस्य है।

  1. रेकी का नेटवर्क: समीर ने स्वीकार किया है कि उसने कई महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों और भारतीय सेना के ठिकानों की गुप्त तस्वीरें और जानकारियां पाकिस्तान भेजी हैं।
  2. भागलपुर कनेक्शन: पुलिस अब इस बिंदु पर जांच कर रही है कि क्या समीर ने भागलपुर रेलवे स्टेशन या स्थानीय सैन्य ठिकानों की भी रेकी की थी और क्या इम्तियाज इस काम में उसका मददगार था।

इतिहास के पन्ने: जब भागलपुर में आई एनआईए (NIA)

​यह पहली बार नहीं है जब भागलपुर का नाम अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क से जुड़ा है।

  • नजरे सद्दाम केस: 5 सितंबर 2024 को बरहपुरा निवासी नजरे सद्दाम को जाली नोटों के साथ गिरफ्तार किया गया था। एनआईए की जांच में खुलासा हुआ था कि इस गिरोह के तार सीधे पाकिस्तानी आतंकी संगठनों से जुड़े थे।
  • स्लीपर सेल की आशंका: जासूसी और जाली नोटों के इन बार-बार जुड़ते तारों ने सुरक्षा एजेंसियों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या भागलपुर ‘स्लीपर सेल्स’ के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह बन रहा है।

अधिकारियों का बयान

​”गाजियाबाद पुलिस के वरीय अधिकारियों से हमें समीर के मोबाइल के संबंध में सूचना प्राप्त हुई थी। एसएसपी के निर्देश पर नाथनगर इलाके में त्वरित कार्रवाई करते हुए मोबाइल बरामद कर लिया गया है और उसे संबंधित जांच एजेंसी को भेज दिया गया है। मोबाइल के डेटा की जांच गाजियाबाद पुलिस द्वारा की जा रही है।”

प्रमोद कुमार यादव, एसएसपी, भागलपुर

VOB का नजरिया: क्या हमारी आंतरिक सुरक्षा में कोई बड़ी चूक है?

​’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि सिल्क सिटी में विदेशी जासूसों के मोबाइल का मिलना एक गंभीर चेतावनी है।

  • स्थानीय पहचान का संकट: घनी आबादी वाले मोहल्लों में कौन रह रहा है और किसके क्या संबंध हैं, इस पर मोहल्ला समितियों और स्थानीय पुलिस को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
  • डिजिटल ट्रेल: मोबाइल के डेटा से यह पता चल पाएगा कि समीर ने पाकिस्तान के किन हैंडलर्स से बात की थी और क्या भागलपुर के कुछ अन्य लोग भी इस ‘डिजिटल जासूसी’ का हिस्सा हैं।
  • सतर्कता: भागलपुर के महत्वपूर्ण ठिकानों और जंक्शन की सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से ऑडिट करने की आवश्यकता है।

सुशासन और सुरक्षा पर बड़ा सवाल

​समीर शूटर के मोबाइल से निकलने वाली जानकारियां न केवल दिल्ली-गाजियाबाद पुलिस के लिए अहम होंगी, बल्कि भागलपुर में छिपे संभावित मददगारों के चेहरे भी बेनकाब करेंगी। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ इस जासूसी कांड की हर परत और इम्तियाज से जुड़ी अगली पूछताछ की हर अपडेट आप तक सबसे पहले पहुँचाता रहेगा।

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