समाचार के मुख्य बिंदु: भागलपुर-कहलगांव रूट पर विकास की नई रफ्तार
- डेडलाइन तय: भागलपुर से मिर्जा चौकी के बीच बन रही टू-लेन (पेव्ड सोल्डर के साथ) सड़क का निर्माण कार्य अप्रैल 2026 तक शत-प्रतिशत पूरा हो जाएगा।
- चौड़ीकरण का लाभ: पुरानी 5 मीटर की संकरी सड़क को अब 10 मीटर चौड़ा कर आधुनिक टू-लेन हाईवे में तब्दील किया जा रहा है।
- समय की भारी बचत: मुंगेर से मिर्जा चौकी (120 किमी) की यात्रा, जिसमें पहले घंटों लगते थे, अब केवल डेढ़ से दो घंटे में पूरी होगी।
- सेकेंड फेज का बजट: भागलपुर से मिर्जा चौकी के बीच 47.714 किमी लंबी सड़क पर 566.15 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
- बाढ़ से सुरक्षा: जलजमाव वाले क्षेत्रों में सड़क को 1 मीटर तक ऊंचा उठाया गया है और कई हिस्सों को कंक्रीट (ढलाई) वाली सड़क के रूप में विकसित किया गया है।
- VOB इनसाइट: यह सड़क केवल डामर की पट्टी नहीं, बल्कि भागलपुर इंडस्ट्री ट्रक एसोसिएशन और स्थानीय संगठनों के वर्षों लंबे संघर्ष की जीत है।
भागलपुर | 25 मार्च, 2026
बिहार के सिल्क सिटी भागलपुर और मुंगेर प्रमंडल के लिए परिवहन के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव आने वाला है। भागलपुर से मिर्जा चौकी के बीच बन रही बहुप्रतीक्षित टू-लेन सड़क का काम अपने अंतिम चरण में पहुँच चुका है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, पथ निर्माण विभाग ने अप्रैल 2026 तक इस परियोजना को पूरी तरह जनता को समर्पित करने का लक्ष्य रखा है। इस सड़क के बन जाने से भागलपुर, कहलगांव और पीरपैंती के इलाकों में लगने वाले भीषण जाम से स्थानीय लोगों को स्थायी मुक्ति मिल जाएगी।
2018 की बाढ़ का जख्म और विकास का मरहम
भागलपुर से मिर्जा चौकी को जोड़ने वाली पुरानी सड़क महज 5 मीटर चौड़ी थी, जो भारी ट्रैफिक का दबाव झेलने में सक्षम नहीं थी। वर्ष 2018 में आई विनाशकारी बाढ़ ने इस सड़क को कई जगहों पर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था। गड्ढों और जलजमाव के कारण मुंगेर से भागलपुर और आगे कहलगांव तक की यात्रा किसी दुःस्वप्न से कम नहीं थी।
स्थानीय संगठनों और ‘भागलपुर इंडस्ट्री ट्रक एसोसिएशन’ ने इस समस्या को लेकर कई बार सरकार का ध्यान आकर्षित किया था। शुरुआत में एनएचएआई (NHAI) द्वारा ग्रीनफील्ड (हरित क्षेत्र मार्ग) योजना के कारण पर्याप्त राशि नहीं मिल पा रही थी, लेकिन राज्य सरकार के निरंतर प्रयास और सड़क परिवहन मंत्रालय (भारत सरकार) के हस्तक्षेप के बाद इस मौजूदा सड़क के कायाकल्प का रास्ता साफ हुआ।
परियोजना का तकनीकी स्वरूप और वर्तमान स्थिति
इंजीनियरों और विशेषज्ञों की देखरेख में इस सड़क को भविष्य की जरूरतों के अनुसार डिजाइन किया गया है:
- दो पैकेजों में काम: पहले पैकेज के तहत मुंगेर से भागलपुर के बीच का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है, जिससे यात्रियों को काफी राहत मिली है।
- पैकेज-2 का विवरण: दूसरे पैकेज में भागलपुर से मिर्जा चौकी तक 47.714 किमी सड़क का निर्माण तीव्र गति से जारी है।
- रेजिंग और मजबूती: सड़क के जिन हिस्सों पर पानी चढ़ने (ओवरटॉपिंग) की समस्या थी, उन्हें 1 मीटर तक ऊंचा किया गया है। साथ ही, जर्जर हिस्सों को सामान्य बिटुमिनस (अलकतरा) के बजाय पीक्यूसी (ढलाई वाली सड़क) में बदला गया है ताकि भविष्य में बाढ़ या भारी बारिश का असर न हो।
VOB का नजरिया: आर्थिक और सामाजिक क्रांति का आधार
’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि इस सड़क का पूरा होना भागलपुर के व्यापारिक परिदृश्य को बदल देगा।
- औद्योगिक विकास: भागलपुर और झारखंड की सीमा (मिर्जा चौकी) के बीच माल ढुलाई सुगम होने से स्थानीय व्यापार को नई गति मिलेगी।
- जाम से मुक्ति: कहलगांव और पीरपैंती जैसे इलाकों में ट्रकों की लंबी कतारें अब बीते दौर की बात हो जाएंगी।
- कनेक्टिविटी: मुंगेर के रेल-सह-सड़क पुल और भागलपुर के विक्रमशिला सेतु के बीच यह सड़क एक मजबूत कड़ी का काम करेगी, जिससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच का व्यापारिक सेतु और भी सुदृढ़ होगा।
अप्रैल 2026 में होगा नया उदय
पथ निर्माण विभाग के अभियंताओं के अनुसार, कार्य की प्रगति संतोषजनक है और अप्रैल के महीने में भागलपुर से मिर्जा चौकी के बीच का 47.714 किमी लंबा हिस्सा पूरी तरह तैयार हो जाएगा। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ इस सड़क के लोकार्पण और टोल टैक्स संबंधी आगामी सूचनाओं की अपडेट आप तक सबसे पहले पहुँचाता रहेगा।


