1 अप्रैल से बदलेंगे रेलवे टिकट के नियम: बुकिंग, बोर्डिंग और रिफंड में बड़ा बदलाव, यात्रियों को राहत या झटका?

पटना — भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और टिकटों की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए टिकट बुकिंग और रिफंड से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। नए नियम 1 अप्रैल 2026 से चरणबद्ध तरीके से लागू होंगे और इनका सीधा असर करोड़ों रेल यात्रियों पर पड़ेगा।

अब ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक बदल सकेंगे बोर्डिंग स्टेशन

रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए बोर्डिंग स्टेशन बदलने की समय सीमा बढ़ा दी है। अब यात्री ट्रेन के निर्धारित समय से सिर्फ 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग प्वाइंट बदल सकेंगे।

पहले यह सुविधा केवल चार्ट तैयार होने से पहले तक ही उपलब्ध थी, लेकिन अब चार्ट बनने के बाद भी यह बदलाव संभव होगा।

यह बदलाव खासकर उन यात्रियों के लिए फायदेमंद होगा, जो ट्रैफिक या दूरी की वजह से समय पर मुख्य स्टेशन नहीं पहुंच पाते।

रिफंड नियम हुए सख्त, दलालों पर लगाम

रेलवे ने टिकटों की कालाबाजारी (टिकट कॉर्नरिंग) रोकने के लिए रिफंड नियमों को सख्त कर दिया है।

  • अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करने पर ही 50% रिफंड मिलेगा
  • पहले यह सीमा 4 घंटे थी
  • 48 से 12 घंटे के बीच कैंसिलेशन पर मिलने वाले रिफंड स्लैब में भी बदलाव किया जाएगा

इन सख्त नियमों का उद्देश्य उन लोगों पर रोक लगाना है, जो बड़ी संख्या में टिकट बुक कर अंतिम समय में कैंसिल कर देते थे।

वेटिंग और RAC टिकट वालों को राहत

जहां कन्फर्म टिकट के नियम सख्त किए गए हैं, वहीं वेटिंग और RAC टिकट धारकों को राहत दी गई है।

  • इन टिकटों पर कैंसिलेशन चार्ज में कोई बदलाव नहीं किया गया है
  • अब भी ₹20 + GST का ही चार्ज लागू रहेगा
  • अगर चार्ट बनने के बाद भी टिकट वेटिंग में रहता है, तो वह ऑटोमैटिक कैंसिल हो जाएगा
  • ऐसी स्थिति में पूरा पैसा बिना कटौती के वापस मिलेगा

इन स्थितियों में मिलेगा पूरा रिफंड

रेलवे ने यात्रियों के हित में कुछ स्थितियों में 100% रिफंड की सुविधा भी बरकरार रखी है।

  • ट्रेन 3 घंटे से ज्यादा लेट हो
  • ट्रेन पूरी तरह कैंसिल हो जाए

ऐसे मामलों में यात्री TDR (टिकट डिपॉजिट रसीद) फाइल कर पूरा पैसा वापस पा सकते हैं।

डिजिटल माध्यम से आसान प्रक्रिया

यात्री IRCTC की वेबसाइट, मोबाइल ऐप या रेलवे काउंटर के जरिए टिकट बुकिंग, कैंसिलेशन और रिफंड से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं आसानी से पूरी कर सकते हैं।

रेलवे का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाना है।

क्या आपकी जेब पर पड़ेगा असर?

इन बदलावों का असर दो तरह से देखा जा रहा है:

  • आम यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी
  • लेकिन आखिरी समय में टिकट कैंसिल करने वालों को नुकसान हो सकता है

निष्कर्ष

रेलवे के नए नियम एक तरफ जहां यात्रियों को ज्यादा सुविधा देंगे, वहीं टिकट दलालों पर सख्त कार्रवाई का रास्ता भी तैयार करेंगे। अब देखना होगा कि इन बदलावों से रेलवे की व्यवस्था कितनी बेहतर होती है और यात्रियों को कितना फायदा मिलता है।

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