BPSC TRE-3 पेपर लीक कांड में बड़ा खुलासा: EOU ने ‘डब्लू मुखिया’ को किया गिरफ्तार, 2015 से चल रहा था नेटवर्क

पटना — बिहार में चर्चित शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-3) पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के एक अहम सदस्य प्रवीण कुमार सिन्हा उर्फ ‘डब्लू मुखिया’ को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं, जिससे पूरे नेटवर्क की गहराई का अंदाजा लगाया जा रहा है।

2015 से सक्रिय था पेपर लीक गिरोह

जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क कोई नया नहीं, बल्कि पिछले कई वर्षों से सक्रिय था। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि गिरोह वर्ष 2015 से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक कर अभ्यर्थियों को पहले ही उपलब्ध कराता था।

बताया जा रहा है कि आरोपी लखीसराय जिले के मानिकपुर थाना क्षेत्र के कोनिपार गांव का निवासी है और लंबे समय से इस अवैध गतिविधि में शामिल था।

TRE-3 परीक्षा में निभाई अहम भूमिका

EOU के अनुसार, वर्ष 2024 में आयोजित बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-3 के पेपर लीक में इस गिरोह की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

जांच में खुलासा हुआ है कि अभ्यर्थियों को हजारीबाग के एक होटल में पहले से प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए गए थे। आरोपी खुद उम्मीदवारों को वाहनों में भरकर वहां तक ले गया था, जहां गिरोह के अन्य सदस्य उनकी व्यवस्था कर रहे थे।

छापेमारी के बाद हुआ था फरार

पूछताछ में यह भी सामने आया कि परीक्षा से एक दिन पहले होटल में पुलिस ने छापेमारी की थी। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया और लखीसराय में छिपकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश करता रहा।

BPSC TRE-3 पेपर लीक कांड में बड़ा खुलासा: EOU ने ‘डब्लू मुखिया’ को किया गिरफ्तार, 2015 से चल रहा था नेटवर्क

काफी समय तक फरार रहने के बाद अब उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

293 आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल

आर्थिक अपराध इकाई के मुताबिक, इस पूरे मामले में अब तक गिरोह के सरगना समेत 293 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। एजेंसी लगातार इस नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

और बड़े खुलासों की उम्मीद

फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस गिरोह के तार किन-किन राज्यों और परीक्षाओं से जुड़े हैं।

निष्कर्ष

TRE-3 पेपर लीक कांड ने बिहार की भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। EOU की कार्रवाई से उम्मीद जगी है कि इस पूरे नेटवर्क का जल्द पर्दाफाश होगा और दोषियों को सख्त सजा मिलेगी।

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