
पटना/मॉरीशस, 23 मार्च 2026: बिहार दिवस के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। बिहार के कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव ने मॉरीशस दौरे के दौरान वहां के प्रधानमंत्री से मुलाकात कर उन्हें बिहार आने का औपचारिक निमंत्रण दिया।
यह मुलाकात शिष्टाचार भेंट के साथ-साथ सांस्कृतिक सहयोग को नए आयाम देने की दिशा में भी अहम रही। इस दौरान बिहार और मॉरीशस के बीच कला, संस्कृति और परंपरा के क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई।
मिथिला और मधुबनी पेंटिंग पर विशेष चर्चा
बैठक के दौरान बिहार की प्रसिद्ध मिथिला चित्रकला और मधुबनी पेंटिंग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। सचिव प्रणव कुमार ने बताया कि मॉरीशस में इन पारंपरिक कलाओं के प्रति गहरी रुचि देखी जा रही है और वहां कई लोग इसे सीखने के इच्छुक हैं।
उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं, ऑनलाइन कक्षाएं और संयुक्त प्रदर्शनियों के माध्यम से दोनों देशों के कलाकारों को एक साझा मंच प्रदान किया जाएगा। इससे न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ेगा, बल्कि बिहार की लोक कला को वैश्विक पहचान भी मिलेगी।
पांडुलिपियों के संरक्षण पर भी सहमति
बैठक में प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण, डिजिटाइजेशन और प्रदर्शनी को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखने और उन्हें वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने के लिए संयुक्त प्रयास किए जाएंगे।
तकनीकी सहयोग, डिजिटल आर्काइव और शोध कार्यों को बढ़ावा देने पर भी विचार-विमर्श हुआ, जिससे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक रिश्ते और मजबूत हो सकें।
उच्चायुक्त से भी हुई मुलाकात
मॉरीशस दौरे के दौरान सचिव प्रणव कुमार ने वहां भारत के उच्चायुक्त से भी मुलाकात की। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कलाकारों के आदान-प्रदान और संयुक्त आयोजनों को और सक्रिय बनाने पर चर्चा की गई।
बिहार दिवस के लिए विशेष निमंत्रण
सचिव ने मॉरीशस के प्रतिनिधियों और शिष्टमंडल को बिहार दिवस समारोह में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम दोनों देशों के बीच संबंधों को और गहरा करने का अवसर प्रदान करते हैं।
निष्कर्ष
यह पहल बिहार की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मिथिला पेंटिंग जैसी पारंपरिक कला के माध्यम से बिहार और मॉरीशस के बीच सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद है।
आने वाले समय में इस तरह के सहयोग से न केवल कला और संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि दोनों देशों के बीच आपसी समझ और साझेदारी भी और मजबूत होगी।


