IIIT और BCE भागलपुर का ऐतिहासिक ‘समन्वय’! इंजीनियरिंग के आंगन में उतरी साहित्य की सरिता; ‘संसदीय बहस’ से लेकर ‘शायरी’ तक दिखा युवाओं का दम

HIGHLIGHTS: सिल्क सिटी के दो बड़े संस्थानों का साहित्यिक संगम; तकनीक और तहजीब का बेजोड़ मेल

  • महा-आयोजन: IIIT भागलपुर के साहित्य क्लब ‘संवाद’ और BCE भागलपुर की वाद-विवाद समिति ‘क्लेरियन’ का संयुक्त उपक्रम “समन्वय” संपन्न।
  • विविध प्रतियोगिताएं: कविता, शायरी, निबंध लेखन (हिंदी-अंग्रेजी), रचनात्मक लेखन और ‘एशियाई संसदीय चर्चा’ में भिड़े छात्र।
  • खास तारीखें: 14 जनवरी (सेना एवं युवा दिवस) से शुरू हुआ सफर 21 मार्च को पुरस्कार वितरण के साथ हुआ समाप्त।
  • मार्गदर्शक: डॉ. तामेश्वर नाथ (IIIT) और लेफ्टिनेंट डॉ. सौरभ (BCE) की उपस्थिति में छात्रों ने गढ़ी सफलता की इबारत।
  • नेतृत्व: रितेश राज (सचिव, संवाद) और पुरुषोत्तम कुमार (अध्यक्ष, क्लेरियन) के कुशल संचालन में दिखा टीम वर्क।

भागलपुर | 22 मार्च, 2026

​भागलपुर, जिसे हम अपनी ऐतिहासिक रेशमी चादरों और शिक्षा के लिए जानते हैं, वहां के दो सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों ने मिलकर एक नई परंपरा की नींव रखी है। IIIT भागलपुर और BCE भागलपुर के छात्रों ने यह साबित कर दिया है कि वे केवल कोडिंग और सर्किट के उस्ताद ही नहीं, बल्कि शब्दों के जादूगर भी हैं। दोनों कॉलेजों के बीच साहित्यिक पहलुओं और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त कार्यक्रम “समन्वय” का सफल आयोजन किया गया। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की टीम इस कार्यक्रम की साक्षी रही, जहाँ तकनीकी दिमागों के बीच साहित्य की खुशबू बिखरी दिखी।

सेना दिवस की गरिमा और युवा शक्ति का जोश

​कार्यक्रम की रूपरेखा बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से तैयार की गई थी। 14 जनवरी को, जब पूरा देश सेना दिवस और राष्ट्रीय युवा दिवस मना रहा था, तब “समन्वय” के पहले चरण का आगाज हुआ।

  • कविता एवं शायरी: छात्रों ने अपनी संवेदनाओं को शब्दों में पिरोकर मंच पर पेश किया।
  • निबंध लेखन: हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में छात्रों ने सामयिक और गंभीर विषयों पर अपनी वैचारिक गहराई दिखाई।
  • रचनात्मक लेखन: यहाँ छात्रों की कल्पनाशीलता ने कागज पर नए आयाम लिखे।

​इन प्रतियोगिताओं ने छात्रों को केवल किताबी ज्ञान से बाहर निकालकर उनकी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का काम किया।

21 मार्च: जब ‘संसदीय बहस’ से गूँज उठा सभागार

​कल, यानी 21 मार्च को कार्यक्रम का सबसे रोमांचक हिस्सा— एशियाई संसदीय चर्चा (Asian Parliamentary Debate) आयोजित की गई। वाद-विवाद के दौरान छात्रों ने तर्क और तथ्यों की जो कसौटी पेश की, उसे देखकर लगा कि भविष्य के नीति-निर्माता इन्हीं के बीच से निकलेंगे।

​उसी दिन शाम को परिणाम घोषित किए गए और विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में संबंधित कॉलेजों के छात्रों की भारी भागीदारी ने यह सुनिश्चित किया कि यह ‘समन्वय’ केवल नाम का नहीं, बल्कि दिलों और विचारों का भी था।

मार्गदर्शकों की उपस्थिति और नेतृत्व का कमाल

​इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में डॉ. तामेश्वर नाथ (सहायक प्राध्यापक व सीईओ, एनसीसी, IIIT भागलपुर) और लेफ्टिनेंट डॉ. सौरभ (सहायक प्राध्यापक व एएनओ, एनसीसी, BCE भागलपुर) की अहम भूमिका रही। इन प्रोफेसरों ने न केवल अनुशासन बनाए रखा, बल्कि छात्रों को रचनात्मकता के लिए प्रेरित भी किया।

​कार्यक्रम का संचालन ‘संवाद’ क्लब के सचिव रितेश राज और ‘क्लेरियन’ के अध्यक्ष पुरुषोत्तम कुमार ने किया। दोनों संस्थानों के क्लबों के बीच यह तालमेल भविष्य में और भी बड़े आयोजनों की संभावनाओं को जन्म देता है।

VOB का नजरिया: इंजीनियरिंग के छात्रों का ‘साहित्यिक’ अवतार क्यों जरूरी?

​’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि भागलपुर के इन दो दिग्गज संस्थानों का एक साथ आना एक क्रांतिकारी कदम है। अक्सर यह माना जाता है कि इंजीनियरिंग के छात्र केवल मशीनों और डेटा से बात करते हैं, लेकिन ‘समन्वय’ ने इस मिथक को तोड़ दिया।

  1. कम्युनिकेशन स्किल्स: वाद-विवाद और लेखन जैसी प्रतियोगिताएं छात्रों के व्यक्तित्व निर्माण और सॉफ्ट स्किल्स में निखार लाती हैं।
  2. सांस्कृतिक चेतना: तकनीक के साथ-साथ अपनी भाषा और साहित्य के प्रति संवेदनशीलता ही एक ‘पूर्ण इंजीनियर’ बनाती है।
  3. अंतर-संस्थागत सहयोग: IIIT और BCE का साथ आना यह दर्शाता है कि ज्ञान के प्रसार में प्रतिस्पर्धा से ज्यादा सहयोग मायने रखता है।

​डॉ. तामेश्वर और डॉ. सौरभ ने अपने समापन संबोधन में सही कहा कि जीत और हार से ज्यादा महत्वपूर्ण ‘भागीदारी’ है। भविष्य में अन्य कॉलेजों को भी इस ‘समन्वय’ मॉडल से प्रेरणा लेनी चाहिए।

निष्कर्ष: शब्दों की जीत और नई दोस्ती का आगाज़

​”समन्वय” केवल एक प्रतियोगिता बनकर नहीं रह गई, बल्कि इसने भागलपुर की साहित्यिक फिजा में एक नया रंग भर दिया है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ सभी प्रतिभागियों और विजेताओं को बधाई देता है।

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