
HIGHLIGHTS: महायुद्ध के मुहाने पर दुनिया; ईरान और इजरायल के बीच ‘न्यूक्लियर ठिकानों’ पर आर-पार की जंग
- बड़ा हमला: शनिवार शाम (21 मार्च, 2026) ईरान ने इजरायल के परमाणु केंद्र वाले शहर डिमोना (Dimona) पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी।
- भारी नुकसान: मिसाइल सीधे एक इमारत पर गिरी, जिससे वह ढह गई; 10 साल के बच्चे समेत 20 लोग घायल।
- इजरायली पलटवार: हमले के चंद घंटों बाद अमेरिका और इजरायल ने ईरान के नतंज (Natanz) परमाणु केंद्र पर ‘बंकर बस्टर’ बमों से हमला किया।
- युद्ध का 22वां दिन: ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर सैकड़ों ड्रोन-मिसाइलें दागी हैं।
यरूशलेम / तेहरान | 21 मार्च, 2026
दुनिया इस वक्त तीसरे विश्व युद्ध की दहलीज पर खड़ी नजर आ रही है। शनिवार की शाम इजरायल का दक्षिणी शहर डिमोना, जो अपने परमाणु अनुसंधान केंद्र के लिए जाना जाता है, ईरानी मिसाइलों की गूँज से दहल उठा। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) को मिली अंतरराष्ट्रीय खबरों के अनुसार, ईरान ने एक बड़ा मिसाइल हमला किया है, जिसमें डिमोना की एक रिहायशी इमारत पूरी तरह तबाह हो गई है।
डिमोना में तबाही: क्या हुआ शनिवार की शाम?
इजरायली मीडिया और बचाव दल (MDA) के मुताबिक:
- मिसाइल इम्पैक्ट: एक ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल ने डिमोना के रिहायशी इलाके को निशाना बनाया। धमाका इतना जोरदार था कि एक बहुमंजिला इमारत मलबे में तब्दील हो गई।
- मासूम हुए शिकार: इस हमले में एक 10 साल का बच्चा गंभीर रूप से घायल हुआ है, जबकि 20 अन्य लोगों को छर्रे (Shrapnel) लगने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- सायरन की गूँज: हमले के वक्त पूरे इजरायल (उत्तर से दक्षिण तक) में सायरन बज रहे थे। लोग बंकरों की ओर भाग रहे थे।
जवाबी कार्रवाई: ईरान का ‘नतंज’ प्लांट निशाने पर
ईरान के इस दुस्साहस के जवाब में इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया है:
- नतंज पर स्ट्राइक: इजरायली वायुसेना ने ईरान के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले नतंज यूरेनियम संवर्धन केंद्र पर ‘बंकर बस्टर’ बम बरसाए हैं।
- रेडियोधर्मी रिसाव: ईरानी परमाणु ऊर्जा संगठन का दावा है कि फिलहाल किसी रेडियोधर्मी रिसाव की खबर नहीं है, लेकिन नुकसान बड़ा है।
VOB का नजरिया: क्या यह तेल और परमाणु युद्ध की शुरुआत है?
’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि डिमोना पर हमला करना ईरान की ओर से ‘रेड लाइन’ पार करने जैसा है। डिमोना इजरायल का सबसे संवेदनशील इलाका है। उधर, अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस युद्ध को “खत्म करने” (Winding down) की बात कह रहे हैं, लेकिन जमीन पर हालात इसके उलट हैं।
इस युद्ध के कारण वैश्विक तेल बाजार में हाहाकार मचा है क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पूरी तरह बंद होने के करीब है। अगर यह जंग नहीं रुकी, तो इसका असर केवल इजरायल या ईरान पर नहीं, बल्कि भारत और बिहार जैसे राज्यों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महंगाई पर भी पड़ेगा।


