बिहार स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी अस्पतालों को भीषण गर्मी और लू से बचाव के लिए पूरी तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। गर्मी की शुरुआत के साथ ही विभाग ने अस्पतालों में लू प्रभावित मरीजों के लिए अलग (डेडिकेटेड) वार्ड और पर्याप्त संख्या में बेड की व्यवस्था करने को कहा है।
स्वास्थ्य सचिव लोकेश कुमार ने सभी सिविल सर्जनों, मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के अधीक्षकों और सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों के निदेशकों को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं। डेडिकेटेड वार्ड में 24 घंटे डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की रोस्टर ड्यूटी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सिविल सर्जनों को सभी एंबुलेंस की एयर कंडीशनिंग, ऑक्सीजन और आवश्यक उपकरणों की स्थिति की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार इस वर्ष अधिक गर्मी पड़ने की संभावना है, इसलिए लू से उत्पन्न गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने की तैयारी पहले से ही सुनिश्चित की जाए।
विशेष रूप से छोटे बच्चे, स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली माताएं और बाहर काम करने वाले लोग लू के अधिक जोखिम में रहते हैं। इसे देखते हुए सभी जिला अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, रेफरल अस्पताल, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और स्वास्थ्य उपकेंद्रों के बीच समन्वय बनाकर विशेष कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।
सभी सरकारी अस्पतालों में दस्त, उल्टी, चर्म रोग, नेत्र रोग और लू से संबंधित आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है। लू से प्रभावित मरीजों की निगरानी के लिए हृदय गति, श्वसन दर, रक्तचाप और मानसिक स्थिति की नियमित जांच करने की व्यवस्था करने को कहा गया है। साथ ही सामान्य वार्ड में एसी, कूलर और पंखों की कार्यशीलता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।


