HIGHLIGHTS: रोटरी क्लब की ऐतिहासिक पहल; कटे हाथ-पैर वालों को मिलेगी ‘नई उड़ान’
- बड़ी घोषणा: रोटरी क्लब ऑफ भागलपुर आगामी 7, 8 और 9 अप्रैल 2026 को आयोजित करेगा निःशुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर।
- पूरी तरह मुफ्त: जरूरतमंदों को बिना किसी खर्च के दिए जाएंगे अत्याधुनिक कृत्रिम हाथ और पैर।
- डॉ. सोमन चटर्जी का विजन: भागलपुर के इतिहास में पहली बार इतने बड़े स्तर पर ‘आत्मविश्वास’ लौटाने की कोशिश।
- रजिस्ट्रेशन जरूरी: आधार कार्ड और फोटो के साथ व्हाट्सएप पर करना होगा आवेदन; 7 अप्रैल को नाप और 9 को फिटिंग।
📊 कैंप डायरी: कब, कहाँ और कैसे?
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तारीख |
कार्यक्रम (Action) |
विवरण |
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अभी से जारी |
रजिस्ट्रेशन (आवेदन) |
व्हाट्सएप पर आधार कार्ड + फोटो भेजना अनिवार्य। |
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7 अप्रैल 2026 |
मेजरमेंट (नाप) |
लाभार्थियों को स्वयं उपस्थित होकर अंगों का माप देना होगा। |
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9 अप्रैल 2026 |
फिटिंग (प्रत्यारोपण) |
तैयार कृत्रिम अंग पहनाए जाएंगे और ट्रेनिंग दी जाएगी। |
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संपर्क सूत्र |
9939112200 / 9931514587 |
अनुपमा कुमार (अध्यक्ष) / शशिकला ठाकुर (सचिव)। |
भागलपुर | 19 मार्च, 2026
सिल्क सिटी भागलपुर में आज मानवता की सेवा की एक नई इबारत लिखी गई। रोटरी क्लब ऑफ भागलपुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उस ‘महाशिविर’ का ऐलान किया, जिसका इंतजार जिले के सैकड़ों दिव्यांग और वंचित व्यक्ति कर रहे थे। डॉ. सोमन चटर्जी ने भावुक होते हुए कहा कि यह केवल एक मेडिकल कैंप नहीं है, बल्कि उन लोगों को ‘सम्मान’ के साथ खड़ा करने की कोशिश है, जिन्होंने किसी हादसे में अपने अंग खो दिए हैं।
आवेदन की प्रक्रिया: ‘डिजिटल’ और ‘सरल’
शिविर का लाभ लेने के लिए भागदौड़ की जरूरत नहीं है, रोटरी क्लब ने इसे बेहद आसान बनाया है:
- व्हाट्सएप रजिस्ट्रेशन: इच्छुक व्यक्ति को अपना आधार कार्ड और एक पासपोर्ट साइज फोटो क्लब द्वारा जारी नंबरों पर व्हाट्सएप करना होगा।
- निर्धारित प्रपत्र: संपर्क करने पर मिलने वाले फॉर्म को भरकर अपनी प्राथमिक जानकारी देनी होगी।
- अनिवार्य उपस्थिति: 7 अप्रैल को नाप (Measurement) के लिए लाभार्थी का मौके पर होना जरूरी है, ताकि 9 अप्रैल तक कस्टम-फिट अंग तैयार किए जा सकें।
टीम रोटरी का ‘सेवा संकल्प’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अध्यक्ष अनुपमा कुमार, सचिव शशिकला ठाकुर, और रूप कुमार ने मीडिया से अपील की कि वे इस खबर को गांव-गांव तक पहुंचाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रोटरी क्लब इस पूरे आयोजन को ‘पूर्ण समर्पण’ और ‘सामाजिक उत्तरदायित्व’ के साथ सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
VOB का नजरिया: क्या ‘आर्टिफिशियल लिम्ब’ बदल पाएंगे अंग क्षेत्र की सूरत?
बिहार के ग्रामीण इलाकों में दुर्घटना या बीमारी के कारण अंग खोने वाले लोग अक्सर समाज की मुख्यधारा से कट जाते हैं। रोटरी क्लब का यह ‘3-डे मॉडल’ (7 को नाप, 9 को फिटिंग) बेहद प्रभावी है क्योंकि इसमें लाभार्थी को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि डॉ. सोमन चटर्जी और उनकी टीम की यह पहल भागलपुर के लिए एक ‘गेम चेंजर’ साबित होगी। यह केवल हाथ-पैर जोड़ना नहीं, बल्कि किसी के टूटते हुए सपनों को फिर से ‘रफ़्तार’ देना है।


