HIGHLIGHTS: वैश्विक ऊर्जा मंच पर बिहार का डंका; ‘स्मार्ट मीटर’ से ‘सोलर’ तक की धाक
- बड़ी पहचान: नई दिल्ली के ‘यशोभूमि’ में आयोजित वैश्विक समिट में बिहार को मिला ‘फोकस स्टेट’ का दर्जा।
- उद्घाटन: माननीय ऊर्जा मंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बिहार पैवेलियन का किया शुभारंभ; ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह भी रहे मौजूद।
- आकर्षण का केंद्र: हॉल संख्या 2 (स्टैंड 2E51) पर बिहार के ‘पावरिंग बिहार’ विजन को देखने उमड़ रहे हैं दुनिया भर के दिग्गज।
- 4 पिलर्स: स्मार्ट प्रीपेड मीटर, कजरा सोलर प्रोजेक्ट (BESS), पंप्ड स्टोरेज और पटना पावर म्यूजियम ने खींचा ध्यान।
📊 बिहार पैवेलियन ‘फाइल’ रिकॉर्ड: यशोभूमि दिल्ली
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प्रमुख आयाम (Key Pillars) |
तकनीक/पार्टनर |
मुख्य विशेषता |
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स्मार्ट प्रीपेड मीटरिंग |
Secure/L&T |
पारदर्शिता और उपभोक्ता सशक्तिकरण में बिहार देश में अग्रणी। |
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कजरा सोलर प्रोजेक्ट |
BESS तकनीक |
बैटरी स्टोरेज के साथ स्वच्छ और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति। |
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पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट्स |
Greenko/L&T |
ग्रिड स्थिरता और रिन्यूएबल एनर्जी का बेहतर समन्वय। |
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पावर म्यूजियम (पटना) |
हेरिटेज |
ऊर्जा क्षेत्र की ऐतिहासिक यात्रा और तकनीक का अनूठा प्रदर्शन। |
नई दिल्ली/पटना | 19 मार्च, 2026
बिहार अब राष्ट्रीय ऊर्जा विमर्श में केवल एक नाम नहीं, बल्कि एक ‘लीडर’ के रूप में उभर चुका है। नई दिल्ली के अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर ‘यशोभूमि’ में आयोजित भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में बिहार ने साबित कर दिया कि वह बिजली के क्षेत्र में नवाचार (Innovation) का नया केंद्र है। ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने पैवेलियन का उद्घाटन करते हुए वैश्विक निवेशकों को बिहार आने का न्योता दिया।
निवेश का ‘ब्लूप्रिंट’: दूसरे और तीसरे दिन की तैयारी
समिट केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि यहाँ करोड़ों के निवेश की जमीन तैयार हो रही है:
- CEO लेवल चर्चा: ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह और नॉर्थ बिहार पावर कंपनी के MD राहुल कुमार वैश्विक कंपनियों के सीईओ के साथ सीधे संवाद कर रहे हैं।
- राउंड टेबल मीटिंग: दूसरे दिन ऊर्जा सचिव और PwC के पार्टनर अभिजीत रे निवेश के नए रास्तों पर चर्चा करेंगे।
- मीडिया संवाद: तीसरे दिन बिहार की नई ऊर्जा नीति और भविष्य की दिशा को वैश्विक मीडिया के सामने रखा जाएगा।
VOB का नजरिया: क्या ‘अँधेरे’ से ‘स्मार्ट मीटर’ तक का सफर दुनिया के लिए मॉडल है?
एक वक्त था जब बिहार ‘बिजली की कमी’ के लिए चर्चा में रहता था, लेकिन आज ‘यशोभूमि’ में स्मार्ट प्रीपेड मीटरिंग के बिहार मॉडल को देखने के लिए दुनिया भर की कंपनियां लाइन लगा रही हैं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि कजरा सोलर प्रोजेक्ट (BESS) और पंप्ड स्टोरेज जैसी परियोजनाओं में निवेश आने से बिहार न केवल आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि दूसरे राज्यों को बिजली बेचने वाला ‘पावर हब’ भी बन सकता है। यशोभूमि में बिहार का यह ‘स्टैंड 2E51’ दरअसल नए और आधुनिक बिहार का नया पता है।


