HIGHLIGHTS: सुशासन और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पर बड़ी बैठक
- डेडलाइन तय: मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने जून 2026 तक ‘कंप्लायंस रिडक्शन’ (नियमों के सरलीकरण) के दूसरे चरण को पूरा करने का दिया निर्देश।
- 28 प्रायोरिटी एरिया: केंद्र सरकार के निर्देश पर 28 प्राथमिकता क्षेत्रों में नियमों को किया जाएगा आसान।
- नोडल विभाग: उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने पेश किया ‘फेज-2’ का पूरा खाका।
- बड़ा लक्ष्य: राज्य की जीडीपी (GDP) बढ़ाना और आम आदमी के लिए ‘ईज ऑफ लिविंग’ सुनिश्चित करना।
पटना | 17 मार्च, 2026
बिहार को निवेश का हब बनाने और सरकारी फाइलों के मकड़जाल को खत्म करने के लिए राज्य सरकार ने अब ‘वॉर फुटिंग’ (युद्ध स्तर) पर काम शुरू कर दिया है। मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आज हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में साफ संदेश दिया गया— “नियमों का बोझ कम करो, विकास की गति बढ़ाओ।”
फेज-2: जून 2026 तक बदलेगा बिहार का बिजनेस माहौल
बैठक में उद्योग विभाग के सचिव श्री कुंदन कुमार ने एक विस्तृत प्रेजेंटेशन के जरिए बताया कि ‘डीरेगुलेशन’ (विनियमन) की प्रक्रिया अब दूसरे चरण में प्रवेश कर रही है।
- समय सीमा: फेज-2 के तहत चिन्हित कार्यों को हर हाल में जून 2026 तक पूरा करना है।
- 28 प्राथमिकता क्षेत्र: भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय द्वारा निर्धारित 28 क्षेत्रों में नियमों, नीतियों और प्रक्रियाओं में बड़े सुधार किए जाएंगे।
- प्रक्रियात्मक सुधार: सभी विभागों को अपने-अपने नियमों की समीक्षा कर उन्हें सरल और छोटा बनाने का आदेश दिया गया है।
📊 इस पहल से आपको क्या फायदा होगा?
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लाभ का क्षेत्र |
संभावित प्रभाव |
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नया व्यवसाय |
लाइसेंस और परमिशन लेने की प्रक्रिया तेज और आसान होगी। |
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निवेश |
बाहरी कंपनियों के लिए बिहार में प्लांट लगाना ज्यादा सुविधाजनक होगा। |
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लागत में कमी |
कागजी कार्रवाई और अनुपालन पर होने वाले अनावश्यक खर्च घटेंगे। |
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जीडीपी वृद्धि |
आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने से राज्य की आय बढ़ेगी। |
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ईज ऑफ लिविंग |
आम नागरिक को सरकारी सेवाओं के लिए कम चक्कर लगाने होंगे। |
बैठक में मौजूद रहे बिहार के ‘पावर ऑफिसर्स’
मुख्य सचिव के साथ इस महत्वपूर्ण विजन पर चर्चा करने के लिए बिहार के दिग्गज अधिकारी मौजूद थे:
- आनंद किशोर (अपर मुख्य सचिव, पर्यावरण एवं वन)
- नर्मदेश्वर लाल (प्रधान सचिव, कृषि विभाग)
- लोकेश सिंह (सचिव, स्वास्थ्य विभाग)
- मनोज कुमार (सचिव, ऊर्जा विभाग)
- निलेश देवरे (सचिव, पर्यटन विभाग)


