मालदा डिवीजन में RPF की सतर्कता: 5 नाबालिगों को बचाया, मानव तस्करी की आशंका टली

मालदा | रेलवे क्राइम डेस्क — पूर्व रेलवे के मालदा डिवीजन में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक बड़ी सतर्कता दिखाते हुए संभावित मानव तस्करी की घटना को समय रहते टाल दिया। बारहरवा रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध स्थिति में मिले पांच नाबालिग लड़कों को सुरक्षित बचाकर उन्हें चाइल्डलाइन के सुपुर्द किया गया।

प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध हालत में मिले बच्चे

घटना 17 मार्च 2026 की सुबह की है, जब (RPF) बारहरवा पोस्ट की टीम नियमित गश्त और चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान प्लेटफॉर्म नंबर-1 के साहिबगंज छोर पर पांच नाबालिग लड़के संदिग्ध स्थिति में दिखाई दिए।

RPF कर्मियों ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए बच्चों से पूछताछ की, जिसमें पता चला कि सभी बच्चे झारखंड के पाकुड़ जिले के रहने वाले हैं।

बिना बताए काम की तलाश में जा रहे थे

पूछताछ में नाबालिगों ने बताया कि वे अपने घरवालों को बिना बताए मजदूरी के लिए बाहर जा रहे थे। वे बारहरवा से आरा जाने वाली ट्रेन संख्या 14003 अप में सवार होने की योजना बना रहे थे।

RPF को आशंका हुई कि बच्चे किसी तरह के शोषण या मानव तस्करी के शिकार हो सकते हैं, इसलिए तत्काल उन्हें अपनी सुरक्षा में लिया गया।

चाइल्डलाइन को सौंपा, शुरू हुई काउंसलिंग

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी बच्चों को RPF पोस्ट बारहरवा लाया गया। इसके बाद उन्हें / बाल संरक्षण संस्था के प्रतिनिधियों को सौंप दिया गया।

यहां बच्चों की काउंसलिंग, देखभाल और उनके परिवार से संपर्क की प्रक्रिया शुरू की गई है, ताकि उन्हें सुरक्षित घर वापस भेजा जा सके।

RPF की सतर्कता से टली बड़ी घटना

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई RPF की सक्रियता और सतर्क निगरानी का नतीजा है। अगर समय पर हस्तक्षेप नहीं किया जाता, तो बच्चे किसी बड़ी आपराधिक गतिविधि या शोषण का शिकार हो सकते थे।

यात्रियों से सतर्क रहने की अपील

RPF ने आम यात्रियों और नागरिकों से अपील की है कि रेलवे स्टेशन या ट्रेनों में यदि कोई संदिग्ध गतिविधि या अकेले घूमते नाबालिग दिखें, तो तुरंत इसकी सूचना नजदीकी RPF कर्मियों या रेलवे हेल्पलाइन पर दें।

मानव तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान

मालदा डिवीजन में RPF लगातार मानव तस्करी, चोरी और अन्य अपराधों के खिलाफ अभियान चला रही है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि रेलवे सुरक्षा बल न केवल यात्रियों की सुरक्षा, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों की रक्षा के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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