बेऊर जेल से कड़ी सुरक्षा में विधानसभा पहुंचे अनंत सिंह, मतदान के बाद फिर भेजे गए जेल

पटना: बिहार में राज्यसभा चुनाव के लिए सोमवार को विधानसभा में मतदान के दौरान एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला। मोकामा के विधायक अनंत सिंह को पटना स्थित बेऊर जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच विधानसभा लाया गया, जहां उन्होंने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस सुरक्षा में उन्हें दोबारा बेऊर जेल वापस भेज दिया गया।

सुरक्षा के बीच विधानसभा पहुंचे अनंत सिंह

जानकारी के अनुसार, अदालत के आदेश के बाद अनंत सिंह को विशेष सुरक्षा व्यवस्था के साथ बेऊर जेल से विधानसभा लाया गया। इस दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई थी। विधानसभा परिसर में भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

विधानसभा पहुंचने के बाद अनंत सिंह ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना वोट डाला और कुछ देर तक मीडिया से भी बातचीत की। मतदान के बाद उन्हें उसी सुरक्षा व्यवस्था के तहत वापस बेऊर जेल ले जाया गया।

एनडीए की जीत का किया दावा

मतदान करने के बाद मीडिया से बातचीत में अनंत सिंह ने एनडीए की जीत का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि इस बार राज्यसभा चुनाव में एनडीए के सभी उम्मीदवार जीत दर्ज करेंगे। उनके अनुसार बिहार की सभी पांचों सीटों पर एनडीए की जीत तय है।

अनंत सिंह ने यह भी कहा कि उनका समर्थन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ है और राज्य में एनडीए गठबंधन मजबूत स्थिति में है।

मामला हाई कोर्ट में लंबित

जेल से बाहर आने की संभावना को लेकर पूछे गए सवाल पर अनंत सिंह ने कहा कि उनका मामला फिलहाल हाई कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि अदालत का जो भी फैसला होगा, वही मान्य होगा। फिलहाल उन्हें नहीं पता कि उन्हें कब तक राहत मिल सकती है।

भविष्य में चुनाव नहीं लड़ने का संकेत

मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे आगे चुनाव लड़ने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने संकेत दिया कि अब वह भविष्य में चुनाव नहीं लड़ेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में क्या होगा, यह समय ही तय करेगा।

कोर्ट के आदेश पर मिली मतदान की अनुमति

बताया जा रहा है कि राज्यसभा चुनाव में मतदान करने के लिए अनंत सिंह की ओर से अदालत में याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि वह एक निर्वाचित विधायक हैं और उन्हें मतदान करने का अधिकार मिलना चाहिए।

इस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच विधानसभा ले जाकर मतदान की अनुमति दी जाए। अदालत के निर्देशों के तहत ही उन्हें विधानसभा लाया गया और मतदान के बाद फिर से जेल वापस भेज दिया गया।

राज्यसभा चुनाव के दौरान यह घटना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी रही, वहीं विधानसभा परिसर में पूरे दिन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई।

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