HIGHLIGHTS
- हृदयविदारक घटना: रजंदीपुर (वार्ड 7) में गंगा की लहरों ने छीन ली मासूम शिवानी की जिंदगी।
- बड़ी विडंबना: घर में शौचालय नहीं होने के कारण हाथ धोने गई थी गंगा किनारे; पैर फिसलने से हुआ हादसा।
- दुखद पृष्ठभूमि: मृत बच्ची के सिर पर नहीं था माता-पिता का साया; बड़ी मां के साथ रहती थी मासूम।
- रेस्क्यू में देरी: मौके पर नहीं मिला कोई गोताखोर; 20 मिनट बाद 17 फीट गहरे पानी से निकाला गया शव।
सबौर (भागलपुर) | 16 मार्च, 2026
भागलपुर के सबौर प्रखंड से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि हमारे सिस्टम के बड़े दावों की पोल भी खोल दी है। रजंदीपुर वार्ड नंबर-7 में एक 8 वर्षीय बच्ची शिवानी कुमारी की गंगा में डूबने से मौत हो गई। यह मौत केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि मूलभूत सुविधाओं के अभाव की एक दर्दनाक दास्तान है।
शौचालय नहीं था, इसलिए गंगा किनारे जाना पड़ा
मृतक शिवानी के पड़ोसी भाई नंदकिशोर कुमार ने रुंधे गले से बताया कि शिवानी के माता-पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। वह अपनी बड़ी मां के साथ रहती थी। सबसे दुखद बात यह है कि घर में शौचालय की व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण वह अपनी बड़ी मां के साथ गंगा किनारे गई थी। निवृत होने के बाद जब वह घाट पर हाथ धोने पहुंची, तभी उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में समा गई।
17 फीट गहरा पानी और ‘लापता’ गोताखोर
हादसे के वक्त घाट पर कोई भी पेशेवर तैराक या गोताखोर मौजूद नहीं था। ग्रामीण और परिजन खुद ही पानी में कूदे, लेकिन शिवानी का पता नहीं चल सका। करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद 17 फीट गहरे पानी के अंदर से बच्ची को निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बच्ची की मौत की खबर मिलते ही गांव में मातम छा गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही सबौर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अग्रतर कार्रवाई शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन ने भी पीड़ित परिवार को सांत्वना दी है, लेकिन सवाल वही है कि क्या इस मासूम की जान बचाई जा सकती थी?


