कटिहार में सनसनी! मक्के के खेत में मिली विवाहिता की लाश; जिस घर में करती थी ‘काम’, उसी मालिक और उसके बेटे पर हत्या का आरोप

HIGHLIGHTS

  • खौफनाक वारदात: हसनगंज के कोरगामा गांव में 30 वर्षीय विवाहिता की हत्या से सनसनी।
  • मक्के का खेत बना ‘डंपिंग ग्राउंड’: बेरहमी से जान लेने के बाद शव को खेत में फेंका।
  • नामजद एफआईआर: मृतका के पिता ने घर के मालिक और उसके बेटे को बनाया आरोपी।
  • पुलिस की कार्रवाई: पोस्टमार्टम के बाद साक्ष्यों की तलाश में जुटी हसनगंज पुलिस।

हसनगंज (कटिहार) | 15 मार्च, 2026

​कटिहार जिले के हसनगंज थाना क्षेत्र के कोरगामा गांव में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या के बाद इलाके में तनाव और दहशत का माहौल है। 30 वर्षीय प्रमिला देवी का शव गांव के ही एक मक्के के खेत से बरामद किया गया है। शुरुआती जांच और मृतका के परिजनों के आरोपों ने इस मामले में ‘कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा’ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घरेलू काम करने गई थी प्रमिला, खेत में मिला शव

​मृतका प्रमिला देवी गांव के ही एक रसूखदार परिवार के घर में घरेलू कामकाज (झाड़ू-पोछा/बर्तन) करती थी। परिजनों के अनुसार, वह रोज की तरह काम पर गई थी, लेकिन जब काफी देर तक घर नहीं लौटी, तो खोजबीन शुरू हुई। रविवार को उसकी लाश मक्के के घने खेत में पड़ी मिली। शरीर पर चोट के निशान हत्या की ओर साफ इशारा कर रहे थे।

पिता का बड़ा आरोप: “मालिक और उसके बेटे ने मार डाला”

​घटना के बाद मृतका के पिता ने हसनगंज थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने उसी गांव के उस युवक और उसके पिता को नामजद आरोपी बनाया है, जिनके घर प्रमिला काम करती थी। पिता का आरोप है कि किसी रंजिश या विवाद के चलते उनकी बेटी की हत्या कर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को खेत में फेंक दिया गया।

पुलिस का बयान: “पोस्टमार्टम रिपोर्ट का है इंतजार”

​हसनगंज थानाध्यक्ष निक्की ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस अब उन दोनों नामजद आरोपियों की तलाश कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर हत्या की असली वजह क्या थी। क्या यह कोई आपसी विवाद था या फिर काम के दौरान किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी?

VOB का नजरिया: सुरक्षित नहीं हैं ‘मजदूर’ बेटियां?

​बिहार के ग्रामीण इलाकों में आर्थिक रूप से कमजोर महिलाएं अक्सर दूसरों के घरों में काम कर अपना गुजारा करती हैं। प्रमिला की हत्या इस बात का प्रमाण है कि ये महिलाएं अपने कार्यस्थल पर कितनी असुरक्षित हैं। जिस घर में वह काम कर रही थी, अगर वहीं के लोग आरोपी हैं, तो यह विश्वास की हत्या है। पुलिस को इस मामले में निष्पक्ष जांच कर जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि गरीबों के साथ न्याय हो सके और अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा हो।

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