मिसाइल हमले में भागलपुर के इंजीनियर की मौत, कहलगांव के गांव में पसरा मातम; परिवार ने सरकार से लगाई पार्थिव शरीर लाने की गुहार

भागलपुर, 13 मार्च। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच एक दर्दनाक खबर बिहार के भागलपुर जिले तक पहुंची है। कहलगांव प्रखंड के रानी बमियां गांव निवासी देवनंदन प्रसाद सिंह की मिसाइल हमले में मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

जानकारी के अनुसार देवनंदन प्रसाद सिंह एक अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनी में एडिशनल चीफ इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। वह ‘सेफसी विष्णु’ नामक ऑयल टैंकर पर तैनात थे, जो इराक के बसरा बंदरगाह से रवाना होकर फुजारह के रास्ते सिंगापुर की ओर जा रहा था। यह जहाज मार्शल आइलैंड्स के झंडे के तहत संचालित हो रहा था।

बताया जा रहा है कि जहाज की आखिरी लोकेशन बसरा के पास थी। इसी दौरान बुधवार रात क्षेत्र में जारी तनाव के बीच जहाज पर अचानक मिसाइल हमला हुआ। इस हमले में देवनंदन प्रसाद सिंह की मौत हो गई। कंपनी की ओर से इस दुखद घटना की आधिकारिक पुष्टि भी कर दी गई है।

गांव में पसरा मातम

जैसे ही यह खबर रानी बमियां गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। घर में चीख-पुकार मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोगों को अभी भी इस घटना पर विश्वास नहीं हो रहा है।

मृतक की पत्नी और भाई घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं, जहां से आगे की औपचारिकताओं को पूरा किया जाएगा।

परिवार ने सरकार से लगाई गुहार

परिवार के लोग सरकार से अपील कर रहे हैं कि देवनंदन प्रसाद सिंह का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत लाया जाए ताकि परिजन अंतिम दर्शन कर सकें और पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जा सके।

मृतक की बहन पार्वती देवी ने कहा कि उनका भाई विदेश में काम करते हुए परिवार और देश का नाम रोशन कर रहा था। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि पार्थिव शरीर को जल्द गांव लाने की व्यवस्था की जाए।

पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल

देवनंदन प्रसाद सिंह की मौत की खबर से पूरे कहलगांव क्षेत्र में गहरा दुख और शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि वह मेहनती और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे और विदेश में नौकरी करते हुए अपने परिवार का सहारा बने हुए थे।

अब गांव के लोग बस एक ही इंतजार कर रहे हैं कि उनका बेटा तिरंगे में लिपटकर घर लौटे और पूरे सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया जाए। यह घटना न सिर्फ एक परिवार बल्कि पूरे इलाके के लिए गहरा सदमा बनकर सामने आई है।

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