सहरसा जन संवाद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बड़ा बयान: बिहार में कानून का राज, विकास की रफ्तार और तेज होगी

सहरसा/पटना, 13 मार्च। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को समृद्धि यात्रा के तहत सहरसा पहुंचे, जहां उन्होंने सहरसा स्टेडियम में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में भाग लिया और बड़ी संख्या में मौजूद लोगों को संबोधित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पिछले दो दशकों में बिहार में हुए बदलावों और विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2005 के बाद राज्य में कानून का राज स्थापित हुआ और हर क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 से पहले बिहार की स्थिति बेहद खराब थी। शाम होते ही लोग घरों से निकलने से डरते थे, कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर थी और सामाजिक तनाव भी अधिक रहता था। लेकिन एनडीए सरकार बनने के बाद राज्य में शांति, भाईचारा और सुरक्षा का माहौल कायम हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 से कब्रिस्तानों की घेराबंदी का काम शुरू किया गया, जिससे विवादों में कमी आई। इसी तरह 2016 से 60 वर्ष से अधिक पुराने हिंदू मंदिरों की भी घेराबंदी कराई जा रही है ताकि चोरी की घटनाओं पर रोक लग सके।

शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बड़े स्तर पर कदम उठाए हैं। वर्ष 2023 से बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से 2 लाख 58 हजार सरकारी शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। इससे पहले 2006 से 3 लाख 68 हजार नियोजित शिक्षक बहाल किए गए थे।

उन्होंने बताया कि नियोजित शिक्षकों को सरकारी शिक्षक बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई और उन्हें पांच मौके देने का निर्णय लिया गया। अब तक चार परीक्षाओं में करीब 2 लाख 66 हजार नियोजित शिक्षक सफल हो चुके हैं और कुल मिलाकर राज्य में सरकारी शिक्षकों की संख्या 5 लाख 24 हजार तक पहुंच गई है। जल्द ही 45 हजार नए शिक्षकों की नियुक्ति भी शुरू की जाएगी।

स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बिहार के सरकारी अस्पतालों की स्थिति बेहद खराब थी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में महीने भर में केवल 39 मरीज ही इलाज के लिए आते थे। लेकिन वर्ष 2006 के बाद मुफ्त दवा और इलाज की व्यवस्था शुरू की गई, जिसके बाद अब हर महीने औसतन 11 हजार 800 मरीज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज करा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि पहले राज्य में केवल 6 मेडिकल कॉलेज थे, जिनकी संख्या अब 12 हो चुकी है और जल्द ही 6 और मेडिकल कॉलेज शुरू होंगे। शेष जिलों में भी मेडिकल कॉलेज बनाने का काम तेजी से चल रहा है। पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल को 5400 बेड का बनाया जा रहा है, जबकि अन्य मेडिकल कॉलेजों और आईजीआईएमएस में भी बेड क्षमता बढ़ाई जा रही है।

सड़क, पुल और बिजली व्यवस्था में सुधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सड़क और पुल-पुलियों का बड़े पैमाने पर निर्माण किया गया है। वर्ष 2016 तक राज्य के किसी भी सुदूर इलाके से पटना पहुंचने का समय छह घंटे के भीतर करने का लक्ष्य पूरा किया गया था। अब नई सड़क परियोजनाओं, रेल ओवरब्रिज और बाईपास के निर्माण से यह समय लगभग पांच घंटे तक सीमित हो गया है।

उन्होंने बताया कि सरकार ने हर घर बिजली पहुंचाने का लक्ष्य भी पूरा किया है और अब लगभग सभी घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली मुफ्त मिल रही है। आने वाले समय में इच्छुक परिवारों के घरों पर सोलर पैनल लगाने की योजना भी तेजी से लागू की जा रही है।

कृषि क्षेत्र में बढ़ी उत्पादन क्षमता

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2008 से कृषि रोडमैप के तहत लगातार काम किया जा रहा है। तीन चरणों में कृषि रोडमैप लागू होने के बाद अनाज, फल, सब्जी, दूध, अंडा, मांस और मछली के उत्पादन में काफी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि मछली उत्पादन में बिहार अब आत्मनिर्भर बन चुका है। वर्तमान में चौथे कृषि रोडमैप (2024-2029) के तहत योजनाओं को तेजी से लागू किया जा रहा है।

युवाओं को रोजगार और नौकरी

मुख्यमंत्री ने बताया कि सात निश्चय योजना के तहत युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा किए गए हैं। अब तक राज्य में 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है और 40 लाख लोगों को रोजगार मिला है। कुल मिलाकर 50 लाख युवाओं को नौकरी और रोजगार मिल चुका है। अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार और नौकरी उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। पंचायत और नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। पुलिस में 35 प्रतिशत और सभी सरकारी नौकरियों में भी महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।

उन्होंने बताया कि जीविका योजना के तहत राज्य में स्वयं सहायता समूहों की संख्या बढ़कर 11 लाख से अधिक हो गई है और करीब 1 करोड़ 69 लाख महिलाएं इससे जुड़ी हुई हैं।

गरीब परिवारों को आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 में कराई गई जाति आधारित गणना में राज्य के 94 लाख गरीब परिवारों की पहचान की गई। इन परिवारों को रोजगार के लिए 2 लाख रुपये तक की सहायता देने की योजना है। अब तक 83 लाख से अधिक परिवारों को इस योजना से जोड़कर राशि देना शुरू कर दिया गया है।

सहरसा के विकास पर भी दिया जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहरसा जिले में भी पिछले वर्षों में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य किए गए हैं। यहां इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक संस्थान, महिला आईटीआई, जीएनएम और पैरामेडिकल संस्थान की स्थापना की गई है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का निर्माण भी कराया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि सहरसा में कई सड़कों और पुलों का निर्माण हुआ है, बलुआहा घाट पुल बनाया गया है और बीपी मंडल सेतु का जीर्णोद्धार किया गया है। शहर में सड़क चौड़ीकरण, बाईपास और ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले पांच वर्षों में सात निश्चय-3 के तहत सहरसा में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना, डेयरी विकास, आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज की स्थापना, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और खेल सुविधाओं के विकास जैसे कई बड़े काम किए जाएंगे।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, सांसद दिनेश चंद्र यादव, विधायक रत्नेश सादा, विधायक संजय कुमार सिंह, विधान पार्षद ललन सर्राफ सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

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