
सहरसा/पटना, 13 मार्च। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान शुक्रवार को सहरसा जिले को विकास की बड़ी सौगात मिली। मुख्यमंत्री ने जिले में कुल 512 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और कार्यारंभ किया। इसमें 286 करोड़ रुपये की लागत से 70 योजनाओं का उद्घाटन, 90 करोड़ रुपये की 20 योजनाओं का शिलान्यास तथा 136 करोड़ रुपये की 35 योजनाओं का कार्यारंभ शामिल है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कई योजनाओं का स्थल निरीक्षण भी किया और अधिकारियों को सभी कार्यों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
जीविका सिलाई सह उत्पादन केंद्र का उद्घाटन
समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री सहरसा जिले के शाहपुर स्थित वार्ड नंबर 7 पहुंचे, जहां उन्होंने शाहपुर जीविका सिलाई सह उत्पादन केंद्र का फीता काटकर उद्घाटन किया और शिलापट्ट का अनावरण किया। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने जीविका दीदियों को सिलाई घर की चाबी सौंपी और केंद्र का निरीक्षण किया।
उन्होंने सिलाई, कटाई और तैयार कपड़ों की गुणवत्ता की जानकारी ली। जीविका समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं से उन्हें स्वरोजगार मिला है और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने पास में बने तालाब को भी देखा और अधिकारियों को निर्देश दिया कि तालाब के किनारे सीढ़ी घाट का निर्माण कराया जाए ताकि यह स्थान और आकर्षक बने तथा लोगों को सुविधा मिले। इसके साथ ही उन्होंने नवनिर्मित निगम पार्क का भी निरीक्षण किया।
रिमोट से किया कई योजनाओं का लोकार्पण
शाहपुर में आयोजित कार्यक्रम स्थल से मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से जिले की कई विकास योजनाओं का शिलापट्ट अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने सहरसा जिले में सड़क, भवन, जल निकासी और अन्य आधारभूत ढांचे से जुड़ी योजनाओं को जनता को समर्पित किया।
पर्यटन और खेल सुविधाओं की भी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने जिले में चल रहे कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से मंडन मिश्र धाम के सौंदर्यीकरण, मां उग्रतारा मंदिर के विकास, सहरसा में स्टेडियम निर्माण, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना फेज-2 और मत्स्यगंधा झील के पर्यटन विकास की जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं को जल्द पूरा किया जाए ताकि लोगों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।
133 करोड़ की सहायता राशि जीविका समूहों को
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 3021 जीविका स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को 133 करोड़ रुपये का सांकेतिक चेक प्रदान किया। साथ ही नारी सशक्तीकरण कार्यक्रम के तहत जीविका महिला सीएलएफ को भी लाखों रुपये की आर्थिक सहायता दी गई।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कई सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भी सहायता राशि प्रदान की, जिनमें मुख्यमंत्री मछुआ कल्याण योजना, मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण योजना, दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना और अल्पसंख्यक कल्याण योजना शामिल हैं।
विभागीय स्टॉलों का किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग समेत विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जीविका दीदियों द्वारा बनाए गए उत्पादों के बारे में जानकारी ली और पालनाघर की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।
वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। वहीं लोगों ने 125 यूनिट तक बिजली बिल मुफ्त करने के फैसले को लेकर भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
बंगाली बाजार आरओबी निर्माण कार्य का लिया जायजा
समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने सहरसा के बंगाली बाजार रेल समपार फाटक पर बन रहे आरओबी (रेल ओवरब्रिज) का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया।
यह पुल बनने से शहर के गांधी पथ, महावीर चौक, शंकर चौक, दहलान चौक, रिफ्यूजी चौक, कपड़ापट्टी, डीवी रोड, पूरब बाजार, गंगजला चौक, तिवारी चौक और बस स्टैंड जैसे व्यस्त इलाकों में जाम की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। साथ ही एनएच-107 के जरिए मधेपुरा और सुपौल जाने वाले लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
इस मौके पर जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, सांसद दिनेश चंद्र यादव, विधान पार्षद ललन सर्राफ, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।


