HIGHLIGHTS:
- मिशन मोड: इंदिरा गांधी स्टेडियम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की पूर्णिया के विकास कार्यों की ‘सर्जिकल’ समीक्षा।
- सात निश्चय-3: “सबका सम्मान-जीवन आसान” (Ease of Living) को बताया सुशासन का नया मंत्र।
- रोजगार का वादा: अगले 5 साल में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और स्वरोजगार देने का संकल्प दोहराया।
- इंडस्ट्रियल पुश: उद्यमियों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज और स्टार्टअप नीति पर सरकार का फोकस।
पूर्णिया में ‘नीति’ और ‘नियत’ की समीक्षा: स्टेडियम बना सचिवालय
पूर्णिया: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ केवल शिलान्यास और उद्घाटन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अधिकारियों की जवाबदेही तय करने का मंच भी बन गई है। गुरुवार को पूर्णिया के इन्दिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने जिले की नब्ज टटोली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ‘प्रगति यात्रा’ की लंबित योजनाओं को अब ‘समृद्धि यात्रा’ के साथ मिलकर रफ्तार पकड़नी होगी।
[सात निश्चय-3: बिहार का भविष्य @2047]
मुख्यमंत्री ने 20 नवंबर, 2025 को बनी नई सरकार के विजन ‘सात निश्चय-3’ पर विशेष जोर दिया। उन्होंने इसके सातवें स्तंभ ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (Ease of Living) को रेखांकित करते हुए कहा:
”सरकार का लक्ष्य सिर्फ पुल-सड़क बनाना नहीं, बल्कि नागरिक के दैनिक जीवन की कठिनाइयों को कम करना है। जब जीवन आसान होगा, तभी विकास सार्थक होगा।”
[रोजगार और उद्योग: 1 करोड़ का मेगा प्लान]
बिहार के युवाओं के पलायन को रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने एक बड़ी लकीर खींची है:
- लक्ष्य: अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार के अवसर।
- रणनीति: * उद्योगों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज का प्रावधान।
- स्टार्टअप नीति के जरिए युवाओं को ‘जॉब सीकर’ के बजाय ‘जॉब क्रिएटर’ बनाना।
- हर जिले में औद्योगिक सुविधाओं का विस्तार।
[बैठक में ‘पावर सेंटर’: कौन-कौन रहा मौजूद?]
समीक्षा बैठक में राज्य के कई कद्दावर चेहरे और आला अधिकारी शामिल थे:
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नाम |
पद |
भूमिका |
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श्री सम्राट चौधरी |
उप मुख्यमंत्री |
विकास और राजस्व समन्वय |
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श्री विजय कुमार चौधरी |
मंत्री, जल संसाधन |
संसदीय एवं विधायी मामले |
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श्रीमती लेशी सिंह |
मंत्री, खाद्य एवं उपभोक्ता |
स्थानीय एवं विभागीय फीडबैक |
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श्री श्रवण कुमार |
प्रभारी मंत्री, पूर्णिया |
जिले की योजनाओं की निगरानी |
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श्री मिहिर कुमार सिंह |
विकास आयुक्त |
योजनाओं का तकनीकी क्रियान्वयन |
डीएम का प्रेजेंटेशन और सीएम की नसीहत
पूर्णिया जिलाधिकारी श्री अंशुल कुमार ने ‘सात निश्चय-2’ और ‘सात निश्चय-3’ के तहत चल रही योजनाओं का प्रोग्रेस कार्ड पेश किया। मुख्यमंत्री ने डेटा देखने के बाद अधिकारियों को नसीहत दी कि वे ‘संवेदनशीलता’ के साथ काम करें। उन्होंने साफ किया कि केवल फाइलों में काम दिखना काफी नहीं है, योजनाओं का असर जमीन पर दिखना चाहिए ताकि बिहार विकसित राज्यों की श्रेणी में अव्वल आ सके।
VOB का नजरिया: 1 करोड़ नौकरियां—क्या सपना हकीकत बनेगा?
मुख्यमंत्री का ‘ईज ऑफ लिविंग’ और ‘1 करोड़ रोजगार’ का वादा सुनने में बेहद प्रभावशाली है, लेकिन इसकी सफलता ‘विशेष आर्थिक पैकेज’ के जमीन पर उतरने और नौकरशाही की सक्रियता पर टिकी है। पूर्णिया जैसे सीमांचल के इलाकों में स्टार्टअप और एमएसएमई (MSME) की अपार संभावनाएं हैं। यदि सात निश्चय-3 को संवेदनशीलता से लागू किया गया, तो यह बिहार के लिए ‘टर्निंग पॉइंट’ साबित हो सकता है। अब देखना यह है कि स्टेडियम की इस समीक्षा के बाद फाइलों की रफ्तार कितनी बढ़ती है।


