सारण में दरिंदगी की सारी हदें पार! नाबालिग छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म की कोशिश; नाकाम होने पर दरिंदों ने कुएं में फेंका, मासूम की मौत

HIGHLIGHTS:

  • हृदयविदारक: डेरनी थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ हैवानियत।
  • साजिश: घर में अकेली पाकर चार युवकों ने किया हमला; विरोध करने पर कुएं में धकेला।
  • तनाव: घटना के बाद गांव में भारी उबाल, मौके पर भारी पुलिस बल तैनात।
  • सपना टूटा: इसी साल दी थी 10वीं की परीक्षा, परिणाम आने से पहले ही उजड़ गई जिंदगी।

घर में घुसकर हैवानियत: जब ‘शोर’ बना मौत की वजह

सारण: बिहार के सारण जिले से एक ऐसी खबर आई है जिसने रूह कंपा दी है। दरियापुर के डेरनी थाना क्षेत्र में चार मनचलों ने एक 15 साल की मासूम बच्ची के साथ वो किया जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा फट जाए। बुधवार को जब छात्रा अपने घर में अकेली थी, तभी गांव के ही चार दरिंदे घर में घुस आए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की कोशिश करने लगे। छात्रा ने हार नहीं मानी और अपनी अस्मत बचाने के लिए पूरी ताकत से विरोध किया। उसके शोर मचाने और पड़ोसियों के आने की आहट से डरे दरिंदों ने उसे चुप कराने के लिए पास के गहरे कुएं में फेंक दिया, जहाँ डूबने से उसकी मौत हो गई।

गांव बना छावनी: इंसाफ की मांग पर अड़े ग्रामीण

​छात्रा की मौत की खबर जैसे ही गांव में फैली, लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में व्याप्त तनाव को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि चारों आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर स्पीडी ट्रायल के जरिए फांसी की सजा दी जाए।

पुलिस की कार्रवाई: छापेमारी जारी

​डेरनी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों की पहचान लगभग कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

VOB का नजरिया: कब सुरक्षित होंगी बिहार की बेटियां?

सारण की यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि समाज के गाल पर एक जोरदार तमाचा है। जिस बच्ची ने अभी 10वीं की परीक्षा देकर अपने भविष्य के सपने बुने थे, उसे ‘पकड़े जाने के डर’ से मौत के कुएं में धकेल दिया गया। यह सवाल पुलिस प्रशासन पर भी है कि क्या अपराधियों में कानून का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है? केवल पुलिस बल तैनात करने से शांति तो आ सकती है, लेकिन उस मां-बाप का भरोसा कभी वापस नहीं आएगा जिसने अपनी लाडली को खो दिया।

  • Related Posts

    समृद्धि यात्रा के दौरान सिंहेश्वर मंदिर पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बाबा भोलेनाथ का किया जलाभिषेक

    Share Add as a preferred…

    Continue reading
    जगदीशपुर प्रखंड में केंद्र सरकार की टीम का निरीक्षण, विकास कार्यों की प्रगति देख जताई संतुष्टि

    Share Add as a preferred…

    Continue reading