
HIGHLIGHTS:
- पीएम का निर्देश: अफवाह फैलाने वालों पर रखें पैनी नजर, घबराहट पैदा करने वाली ताकतों को दें मुंहतोड़ जवाब।
- सोशल मीडिया वार: विपक्षी प्रोपेगेंडा का आक्रामक तरीके से जवाब दें मंत्री; तैयारियों पर रखें अटूट भरोसा।
- डिप्लोमेटिक जीत: विदेश मंत्री जयशंकर की बातचीत रंग लाई; होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरेंगे भारतीय टैंकर।
- बड़ी खबर: भारतीय टैंकर ‘पुष्पक’ और ‘परिमल’ सुरक्षित रास्ते पर; गैस किल्लत जल्द होगी खत्म।
“हम पड़ोसियों से बेहतर तैयार”: प्रधानमंत्री ने मंत्रियों में भरा जोश
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर भारत की रसोई तक न पहुँचे, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद कमान संभाल ली है। गुरुवार को कैबिनेट मंत्रियों के साथ हुई हाई-लेवल मीटिंग में पीएम मोदी ने दो-टूक कहा कि देश में गैस संकट की जो खबरें फैलाई जा रही हैं, उनमें वास्तविकता से ज्यादा ‘पैनिक’ पैदा करने की साजिश है। पीएम ने मंत्रियों को आगाह किया कि वे सोशल मीडिया पर एक्टिव हों और विपक्ष के भ्रामक प्रचार का मजबूती से जवाब दें।
होर्मुज से ‘राहत’ का रास्ता: जयशंकर की कूटनीति ने किया कमाल
जहाँ पूरी दुनिया ईरान द्वारा ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ बंद करने की आशंका से कांप रही है, वहीं भारत ने अपनी कूटनीतिक शक्ति का लोहा मनवाया है।
- सीधी बात: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बात की।
- नतीजा: ईरान भारत के झंडे वाले टैंकरों को रास्ता देने के लिए तैयार हो गया है।
- ऑन रूट: भारत के दो बड़े तेल टैंकर, ‘पुष्पक’ (Pushpak) और ‘परिमल’ (Parimal) इस समय होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजर रहे हैं। यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए इस साल की सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है।
तमिलनाडु से दिया भरोसा: “जनहित की रक्षा मेरा वादा”
प्रधानमंत्री ने अपनी तमिलनाडु रैली का जिक्र करते हुए मंत्रियों से कहा कि जनता को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एलपीजी संकट एक अस्थायी दौर है और सरकार ने इसे हल करने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। उन्होंने मंत्रियों से ‘सत्यापित जानकारी’ (Verified Information) ही साझा करने की अपील की।
VOB का नजरिया: डर के बाजार में ‘उम्मीद’ की कूटनीति!
जब दुनिया युद्ध के मुहाने पर खड़ी हो, तो अफवाहें बारूद से ज्यादा खतरनाक होती हैं। पीएम मोदी का मंत्रियों को ‘सोशल मीडिया पर आक्रामक’ होने का निर्देश बताता है कि सरकार मानती है कि यह लड़ाई सड़कों के साथ-साथ स्क्रीन पर भी लड़ी जा रही है। जयशंकर की ‘होर्मुज डिप्लोमेसी’ ने भारत को वो ‘प्रिविलेज’ दिलाया है जो शायद ही किसी और देश के पास हो। अगर ‘पुष्पक’ और ‘परिमल’ सुरक्षित भारत पहुँचते हैं, तो अगले 48 घंटों में गैस एजेंसियों के बाहर लगी लाइनें इतिहास बन जाएंगी।


