बिहार पुलिस सिपाही भर्ती PET सफलतापूर्वक समाप्त, 79,932 अभ्यर्थियों ने लिया हिस्सा; 19,838 पदों पर बहाली की प्रक्रिया आगे बढ़ी

पटना: बिहार पुलिस में सिपाही के 19,838 पदों पर होने वाली बहाली प्रक्रिया में एक बड़ा चरण पूरा हो गया है। केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा आयोजित शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है। इस परीक्षा में कुल 79,932 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। भर्ती बोर्ड के अनुसार लिखित परीक्षा में सफल हुए अभ्यर्थियों को PET के लिए बुलाया गया था, जिसके बाद यह चरण कई महीनों तक चला।

करीब तीन महीने तक चला परीक्षा कार्यक्रम

भर्ती बोर्ड के अनुसार शारीरिक दक्षता परीक्षा का आयोजन 15 जनवरी 2026 से 11 मार्च 2026 तक पटना के गर्दनीबाग स्थित शहीद राजेंद्र प्रसाद सिंह राजकीय उच्च विद्यालय मैदान में किया गया। लगभग तीन महीने तक चले इस कार्यक्रम में कुल 66 कार्यदिवसों में अभ्यर्थियों का परीक्षण किया गया।

इनमें 40 दिनों तक पुरुष अभ्यर्थियों की परीक्षा आयोजित की गई, जबकि 26 दिनों तक महिला अभ्यर्थियों का परीक्षण हुआ। इस दौरान अभ्यर्थियों की दौड़, शारीरिक दक्षता, शारीरिक माप और दस्तावेजों का सत्यापन किया गया।

लिखित परीक्षा के बाद इतने अभ्यर्थी हुए थे चयनित

केंद्रीय चयन पर्षद के अनुसार लिखित परीक्षा के परिणाम के आधार पर कुल 99,690 अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया गया था। इनमें से 79,932 अभ्यर्थी PET में शामिल हुए। इनमें 50,477 पुरुष, 29,426 महिला और 29 ट्रांसजेंडर अभ्यर्थी शामिल रहे।

आधुनिक तकनीक से हुई पारदर्शी परीक्षा

परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया। दौड़ की समय गणना के लिए RFID और सेंसर आधारित तकनीक का उपयोग किया गया, जिससे अभ्यर्थियों का समय सटीक रूप से रिकॉर्ड किया जा सके।

इसके अलावा अभ्यर्थियों की पहचान और उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम, फोटो और फिंगरप्रिंट सत्यापन की व्यवस्था की गई थी। इससे परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की कोशिश की गई।

परीक्षा संचालन में सैकड़ों अधिकारियों की तैनाती

इस बड़े भर्ती अभियान को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए पुलिस मुख्यालय की ओर से 266 पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी। इनमें चार पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी और 26 पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी भी शामिल थे। इसके अलावा बड़ी संख्या में अन्य पुलिसकर्मी और कर्मचारी भी तैनात किए गए थे।

अनियमितता करने वालों पर सख्त कार्रवाई

परीक्षा के दौरान गड़बड़ी या धोखाधड़ी की कोशिश करने वाले लोगों पर भी प्रशासन ने सख्ती दिखाई। कुल 170 संदिग्ध लोगों की पहचान की गई, जिनमें से 67 लोगों को गिरफ्तार किया गया। वहीं 44 अभ्यर्थियों समेत कुल 46 लोगों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

कई अभ्यर्थियों को मिली चिकित्सीय सहायता

लंबे समय तक चलने वाली इस शारीरिक परीक्षा के दौरान कई अभ्यर्थियों की तबीयत भी बिगड़ी। ऐसे मामलों में तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। परीक्षा के दौरान 615 पुरुष और 305 महिला अभ्यर्थियों को मेडिकल सहायता दी गई।

मेरिट के आधार पर होगा अंतिम चयन

केंद्रीय चयन पर्षद ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट आधारित होगी। बोर्ड ने अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार के प्रलोभन या फर्जीवाड़े से दूर रहने की सलाह दी है और कहा है कि अगर कोई व्यक्ति बहाली के नाम पर पैसे या सिफारिश की बात करता है तो तुरंत इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।

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