पटना जिला परिषद में अविश्वास प्रस्ताव फेल, स्तुति गुप्ता फिर बनीं अध्यक्ष; बैठक में नहीं पहुंचे पार्षद

पटना जिला परिषद की राजनीति में मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष कुमारी स्तुति गुप्ता के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पारित नहीं हो सका। बैठक में आवश्यक संख्या में पार्षदों की उपस्थिति नहीं होने के कारण प्रस्ताव स्वतः खारिज हो गया और स्तुति गुप्ता दोबारा जिला परिषद अध्यक्ष पद पर आसीन हो गईं।

बैठक में सिर्फ स्तुति गुप्ता ही रहीं मौजूद

अविश्वास प्रस्ताव पर विचार के लिए समाहरणालय स्थित विकास भवन के मुख्य सभागार में बैठक बुलाई गई थी। कुल 45 सदस्यों वाली परिषद में प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान के लिए कम से कम 30 सदस्यों यानी दो-तिहाई पार्षदों की उपस्थिति अनिवार्य थी।

लेकिन बैठक में सिर्फ एक सदस्य के रूप में तत्कालीन अध्यक्ष स्तुति गुप्ता ही मौजूद रहीं, जबकि अन्य पार्षद बैठक में शामिल होने नहीं पहुंचे। आवश्यक संख्या पूरी नहीं होने के कारण अविश्वास प्रस्ताव स्वतः निरस्त हो गया।

प्रशासन ने विभाग को भेजी रिपोर्ट

जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह उप विकास आयुक्त श्रीकांत कुण्डलिक खाण्डेकर ने बताया कि बैठक की पूरी रिपोर्ट पंचायती राज विभाग को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्धारित संख्या में सदस्य उपस्थित नहीं होने के कारण अविश्वास प्रस्ताव गिर गया है।

इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्तुति गुप्ता के दोबारा अध्यक्ष बनने की जानकारी दी गई।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बुलाई गई थी बैठक

बताया जा रहा है कि यह बैठक सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आयोजित की गई थी। अदालत के आदेश के अनुसार मंगलवार को दोपहर 12 बजे अविश्वास प्रस्ताव पर विचार के लिए बैठक रखी गई थी।

बैठक शुरू होने के बाद करीब एक घंटे तक अधिकारियों की ओर से माइक के जरिए पार्षदों को बैठक में शामिल होने की घोषणा की जाती रही, लेकिन कोई सदस्य अंदर नहीं पहुंचा। इसके बाद प्रक्रिया को समाप्त करते हुए प्रस्ताव को खारिज मान लिया गया।

सुरक्षा के थे कड़े इंतजाम

बैठक को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। विकास भवन परिसर में छह दंडाधिकारियों के साथ लगभग 50 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी ताकि किसी तरह की अव्यवस्था की स्थिति न बने।

समर्थकों ने मनाई खुशी

अविश्वास प्रस्ताव गिरने और स्तुति गुप्ता के दोबारा अध्यक्ष बनने की खबर मिलते ही उनके समर्थकों में उत्साह देखा गया। समर्थकों ने अध्यक्ष कक्ष पहुंचकर उन्हें गुलदस्ता भेंट कर बधाई दी।

इस दौरान जिला परिषद की उपाध्यक्ष आशा देवी भी वहां पहुंचीं और स्तुति गुप्ता को बधाई दी। दोनों नेताओं ने मिलकर जिले में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

समाहरणालय परिसर में रहे अंजु देवी के समर्थक

बैठक के दौरान वर्तमान अध्यक्ष अंजु देवी के समर्थक जिला पार्षद समाहरणालय परिसर में ही मौजूद रहे। बताया जाता है कि अंजु देवी दोपहर करीब 12:30 बजे विकास भवन पहुंचीं, लेकिन कुछ ही देर बाद वहां से वापस चली गईं।

इसके बाद उनके समर्थक पार्षद परिसर में ही आपस में चर्चा करते रहे। बाद में कुछ पार्षदों ने यह भी कहा कि बैठक विभागीय नियमों की अनदेखी करते हुए बुलाई गई है, इसलिए वे इसमें शामिल नहीं हुए।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर विवाद

अंजु देवी ने पंचायती राज विभाग के मंत्री, विभागीय सचिव और जिलाधिकारी को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश की गलत व्याख्या की गई है। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश का गलत अर्थ निकालकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।

पहले भी अविश्वास प्रस्ताव से हट चुकी थीं स्तुति

गौरतलब है कि 10 फरवरी 2024 को स्तुति गुप्ता के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर उन्हें अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। उस समय हुई बैठक की प्रक्रिया को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था।

सुनवाई के बाद अदालत ने पहले की बैठक की वैधता पर सवाल उठाते हुए प्रक्रिया दोबारा पूरी करने का निर्देश दिया था। उसी के तहत मंगलवार को यह बैठक आयोजित की गई थी।

स्तुति गुप्ता ने विकास कार्य तेज करने की कही बात

अध्यक्ष पद पर दोबारा काबिज होने के बाद स्तुति गुप्ता ने कहा कि जिले में विकास कार्यों की गति अब और तेज की जाएगी। उन्होंने कहा कि परिषद के पास अभी लगभग नौ महीने का कार्यकाल शेष है और इस दौरान लंबित योजनाओं को पूरा कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि पहले की तरह सभी जिला परिषद क्षेत्रों में विकास के लिए समान रूप से राशि आवंटित करने की नीति को फिर से लागू किया जाएगा, ताकि हर क्षेत्र में संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके।

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