बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। सदर थाना क्षेत्र के कच्ची-पक्की इलाके में स्थित नवनिर्मित नक्सली थाना अब सामान्य थाना के रूप में काम करेगा। जिला प्रशासन के अनुसार मुजफ्फरपुर जिला अब पूरी तरह नक्सल गतिविधियों से मुक्त हो चुका है, इसलिए इस थाने को आम पुलिसिंग के लिए शुरू करने का निर्णय लिया गया है। बुधवार से इस थाने का विधिवत संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा।
इस थाने की नींव करीब 12 वर्ष पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रखी थी। वर्ष 2014 में जिले के कुछ इलाके नक्सली गतिविधियों से प्रभावित थे, उसी दौरान इस विशेष थाने का शिलान्यास किया गया था। करीब छह महीने पहले इस थाने का आधुनिक भवन बनकर तैयार हो गया था। अब नक्सल प्रभाव समाप्त होने के बाद इस भवन का उपयोग आम जनता की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के लिए किया जाएगा।
वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कांतेश कुमार मिश्रा ने मंगलवार को नवनिर्मित थाने का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय, हाजत और पुलिस बल के रहने की व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही जो भी छोटी कमियां पाई गईं, उन्हें जल्द दूर करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया।
एसएसपी ने बताया कि बुधवार से यहां पुलिस अधिकारियों और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती कर दी जाएगी, ताकि थाने का संचालन सुचारू रूप से शुरू हो सके। फिलहाल इस नए थाने के अधीन सदर थाना और मनियारी थाना क्षेत्र के कुछ हिस्सों को जोड़ा गया है, जिससे दोनों थानों पर काम का बोझ कम होगा और पुलिस की पहुंच आम लोगों तक बेहतर हो सकेगी।
प्रशासन के अनुसार पूरे कार्यक्षेत्र का विस्तृत प्रस्ताव राज्य के गृह विभाग को भेज दिया गया है। अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद यह थाना पूरी तरह स्वतंत्र सामान्य थाने के रूप में कार्य करेगा।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि कच्ची-पक्की और आसपास के इलाकों में पुलिस की लगातार मौजूदगी से अपराध पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी और लोगों को सुरक्षा का बेहतर माहौल मिलेगा।


