द वॉयस ऑफ बिहार डेस्क | मोकामा : शराबबंदी वाले बिहार में तस्कर हर दिन पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए नए-नए तरीके ईजाद कर रहे हैं। हालांकि, मुस्तैद पुलिस भी उनके मंसूबों पर लगातार पानी फेर रही है। ताजा मामला मोकामा के हाथीदह थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने तस्करों के एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए एक लग्जरी i20 कार के खुफिया तहखानों से सैकड़ों बोतल विदेशी शराब बरामद की है। मौके से एक अन्य संदिग्ध कार को भी जब्त किया गया है।
खबर की मुख्य बातें (Highlights):
- बड़ी कामयाबी: हाथीदह थाना पुलिस ने शराब तस्करी के एक हाई-टेक तरीके का खुलासा किया।
- लावारिस गाड़ियां: हाथीदह काली मंदिर के पास से दो लावारिस कारें (जिसमें एक i20 शामिल है) जब्त की गईं।
- खुफिया तहखाना: i20 कार के दरवाजों और डिक्की के अंदर बनाए गए थे शराब छिपाने के लिए विशेष तहखाने।
- कार्रवाई: पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार तस्करों और कार मालिकों की तलाश तेज कर दी है।
कैसे हुआ इस तस्करी का खुलासा?
हाथीदह थानाध्यक्ष रंजन कुमार ने इस पूरी कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि हाथीदह काली मंदिर के पास दो संदिग्ध कारें लावारिस हालत में खड़ी हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
सत्यापन के दौरान दोनों कारों के पास कोई भी व्यक्ति या कार का मालिक मौजूद नहीं था। पुलिस को शक हुआ कि इन गाड़ियों का इस्तेमाल किसी अवैध गतिविधि के लिए किया जा रहा है। इसके बाद पुलिस दोनों कारों को जब्त कर हाथीदह थाने ले आई।
डिक्की से लेकर दरवाजों तक में छुपा रखी थी शराब
थाने लाकर जब इन लग्जरी कारों की सघन तलाशी ली गई, तो पुलिस भी हैरान रह गई। तस्करों ने शराब की खेप को छिपाने के लिए i20 कार के अंदर बेहद शातिराना तरीके से डिजाइन किए गए खुफिया तहखाने बना रखे थे।
कार की डिक्की से लेकर दरवाजों के पैनल और अन्य कई स्थानों पर मॉडिफिकेशन कर जगह बनाई गई थी। इन तहखानों से विभिन्न महंगे ब्रांड्स की सैकड़ों बोतल विदेशी शराब बरामद की गई है। तस्करों का यह तरीका इतना सधा हुआ था कि पहली नजर में किसी को शक भी न हो कि यह एक ‘शराब से भरी चलती-फिरती दुकान’ है।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
शराब की इस बड़ी खेप की बरामदगी के बाद हाथीदह पुलिस ने उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। थानाध्यक्ष रंजन कुमार ने बताया कि मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है। परिवहन विभाग (RTO) की मदद से जब्त कारों के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर उनके मालिकों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस शराब सिंडिकेट से जुड़े तस्कर सलाखों के पीछे होंगे।


