‘समता महाजुटान’ के लिए भागलपुर में हुंकार! 18 मार्च को पटना में राजभवन मार्च की तैयारी; UGC रेगुलेशन लागू करने की मांग

​उच्च शिक्षा में सामाजिक न्याय और यूजीसी (UGC) रेगुलेशन को स्थायी रूप से लागू करने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। सोमवार को भागलपुर के एक निजी होटल में ‘सामाजिक आंदोलन’ और ‘बहुजन छात्र संघ’ के नेताओं व कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 18 मार्च को पटना में आयोजित होने वाले “समता महाजुटान” और राजभवन मार्च को ऐतिहासिक बनाना है।

पटना में ‘शक्ति प्रदर्शन’ की रूपरेखा

​बैठक में छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है जब छात्रों के अधिकारों और सामाजिक न्याय के सवालों पर सरकार को सीधे घेरा जाए।

  • समता महाजुटान: आगामी 18 मार्च 2026 को पटना के 10 नंबर गेट पर पूरे बिहार से हजारों की संख्या में छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता जुटेंगे।
  • राजभवन मार्च: पटना में एक विशाल आम सभा आयोजित की जाएगी, जिसके बाद भारी भीड़ राजभवन की ओर पैदल मार्च करेगी।
  • तैयारी की कमान: भागलपुर में आयोजित इस बैठक में तय किया गया कि जिले के हर कॉलेज और हॉस्टल से छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी ताकि पटना में भागलपुर की उपस्थिति दमदार हो।

मुख्य मांग: यूजीसी इक्विटी और स्थायी रेगुलेशन

​आंदोलनकारियों का मुख्य गुस्सा यूजीसी के नियमों और उनके क्रियान्वयन को लेकर है। नेताओं ने कहा कि सामाजिक न्याय के ज्वलंत सवालों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

  • स्थायी बिल की मांग: छात्र संघ की मांग है कि यूजीसी बिल को बिना किसी छेड़छाड़ के स्थायी रूप से लागू किया जाए ताकि बहुजन और वंचित वर्ग के छात्रों को शिक्षा के समान अवसर मिल सकें।
  • चेतावनी: नेताओं ने दो टूक कहा, “यदि हमारी मांगों पर सरकार ने सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो यह केवल एक मार्च तक सीमित नहीं रहेगा। हम पूरे बिहार में व्यापक स्तर पर चक्का जाम और उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।”

बैठक का संदेश: “शिक्षा पर सबका हक”

​बैठक के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ती असमानता छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेल रही है। बहुजन छात्र संघ के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में पिछड़े और दलित छात्रों के अधिकारों के साथ ‘रेगुलेशन’ के नाम पर खिलवाड़ हो रहा है। भागलपुर की इस बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि 18 मार्च का महाजुटान बिहार की छात्र राजनीति के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित होगा।

VOB का नजरिया: बिहार की सड़कों पर फिर दिखेगा ‘छात्र शक्ति’ का ट्रेलर?

बिहार का इतिहास गवाह है कि जब-जब छात्र सड़कों पर उतरे हैं, सत्ता के गलियारों में हलचल तेज हुई है। 18 मार्च की तारीख और ‘राजभवन मार्च’ का एलान यह बताता है कि छात्र इस बार लंबी लड़ाई के मूड में हैं। यूजीसी रेगुलेशन जैसे तकनीकी लेकिन महत्वपूर्ण विषय को ‘समता महाजुटान’ के जरिए जन-आंदोलन बनाना एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है। अब देखना यह होगा कि पटना का 10 नंबर गेट 18 तारीख को किस तरह की भीड़ का गवाह बनता है।

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