काल बना ‘जुगाड़’! सड़क पर पलटा अनियंत्रित ठेला, 17 वर्षीय किशोर की दर्दनाक मौत; मायागंज अस्पताल में तोड़ा दम

भागलपुर जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बलुआचक के समीप एक भीषण सड़क हादसे में 17 वर्षीय किशोर की जान चली गई। ‘जुगाड़ ठेला’ के अनियंत्रित होकर पलटने से हुए इस हादसे ने एक बार फिर इन अवैध और असुरक्षित वाहनों से होने वाले खतरों को उजागर कर दिया है। घटना के बाद से मृतक के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।

सफर बना आखिरी रास्ता: कैसे हुआ हादसा?

​मृतक की पहचान बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र स्थित राजपुर गांव निवासी प्रदीप पोद्दार के 17 वर्षीय पुत्र मनीष कुमार के रूप में हुई है।

  • संतुलन बिगड़ा और हादसा: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मनीष एक ‘जुगाड़ ठेला’ (इंजन चालित जुगाड़ वाहन) पर सवार होकर जा रहा था। जैसे ही वाहन बलुआचक के पास पहुँचा, चालक ने अचानक नियंत्रण खो दिया। संतुलन बिगड़ने की वजह से ठेला पलट गया और मनीष सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया।
  • इलाज के दौरान मौत: स्थानीय लोगों की सूचना पर जगदीशपुर पुलिस मौके पर पहुँची और लहूलुहान किशोर को तुरंत जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (मायागंज) भेजा गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन चोट इतनी गंभीर थी कि इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

पुलिस की कार्रवाई और परिजनों का विलाप

​हादसे की खबर मिलते ही मनीष के माता-पिता और परिजन मायागंज अस्पताल पहुँचे, जहाँ उनके चीत्कार से पूरा माहौल गमगीन हो गया। जगदीशपुर थानाध्यक्ष रामचंद्र सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि किशोर की स्थिति शुरू से ही नाजुक बनी हुई थी।

​”जुगाड़ ठेला पलटने से किशोर गंभीर रूप से घायल हुआ था, जिसकी अस्पताल में मृत्यु हो गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है और परिजनों को सूचना दे दी गई है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।” — रामचंद्र सिंह, थानाध्यक्ष, जगदीशपुर

VOB का नजरिया: कब रुकेगा ‘जुगाड़’ का जानलेवा सफर?

​बिहार की सड़कों पर ‘जुगाड़ ठेला’ या ‘कटा-हुए’ इंजन से बने वाहन मौत बनकर दौड़ रहे हैं। ये वाहन न तो रजिस्टर्ड होते हैं और न ही इनमें सुरक्षा के कोई मानक होते हैं। अक्सर नाबालिग या अप्रशिक्षित लोग इन्हें चलाते हैं, जिससे आए दिन मासूमों को अपनी जान गंवानी पड़ती है। जगदीशपुर की यह घटना प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि वह इन अवैध वाहनों के परिचालन पर सख्ती बरते, ताकि फिर किसी ‘मनीष’ का घर न उजड़े।

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