भागलपुर: सजौर थाना क्षेत्र के रजनपुर गांव से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक विवाहिता सरस्वती कुमारी ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना के बाद से दो पक्षों के बीच आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर जारी है। जहाँ मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज और प्रेम विवाह को लेकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है, वहीं पति ने एक ‘वायरल वीडियो’ का हवाला देकर मामले में नया मोड़ ला दिया है।
पिता का आरोप: “प्रेम विवाह बना जान का दुश्मन”
मृतका के पिता शंभू प्रसाद सिंह (निवासी- दासपुर) ने मायागंज अस्पताल में पुलिस के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया है।
- प्रताड़ना की दास्तां: शंभू का कहना है कि उनकी बेटी सरस्वती और रजनपुर के नीतेश ने साल 2023 में प्रेम विवाह किया था। उनकी एक छोटी बेटी भी है। पिता का आरोप है कि प्रेम विवाह होने के कारण ससुराल वाले उसे लगातार ताना देते और प्रताड़ित करते थे।
- मारपीट और मौत: आरोप है कि 7 मार्च की दोपहर को सरस्वती के साथ मारपीट की गई, जिसके बाद नीतेश ने कॉल कर बताया कि उसने जहर खा लिया है। मायागंज अस्पताल में इलाज के दौरान उसी रात 10 बजे सरस्वती की मौत हो गई।
पति का पलटवार: ‘वीडियो’ ने बिगाड़ा खेल?
दूसरी ओर, मृतका के पति नीतेश ने अपनी सफाई में एक अलग ही कहानी पेश की है।
- मुंबई से वापसी: नीतेश मुंबई में मजदूरी करता है। उसने बताया कि इसी महीने उसके मोबाइल पर एक वीडियो आया था, जिसमें उसकी पत्नी कथित तौर पर गांव के ही एक लड़के के साथ भागती नजर आ रही थी।
- खुलासा और तनाव: नीतेश के अनुसार, उसने उस लड़के की पहचान की और घर लौटकर अपने ससुराल वालों को इस बारे में जानकारी दी। उसका दावा है कि इस खुलासे के बाद लोक-लाज और विवाद की वजह से सरस्वती ने आत्मघाती कदम उठाया।
त्वरित अवलोकन (Quick Facts)
- मृतका: सरस्वती कुमारी (निवासी- रजनपुर, सजौर)।
- पति: नीतेश कुमार।
- विवाह: साल 2023 (प्रेम विवाह)।
- मौत का समय: 07 मार्च 2026, रात 10:00 बजे (इलाज के दौरान)।
- अस्पताल: जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मायागंज)।
- पुलिस की भूमिका: शव का पोस्टमार्टम कराया गया; दोनों पक्षों के बयानों की जांच जारी।
VOB का नजरिया: सच और साजिश के बीच उलझी गुत्थी!
सरस्वती की मौत के पीछे का असली सच क्या है, यह अब पुलिसिया तफ्तीश का विषय है। एक तरफ पिता का ‘दहेज और प्रताड़ना’ वाला पारंपरिक आरोप है, तो दूसरी तरफ पति का ‘वायरल वीडियो’ वाला नया दावा। क्या वह वीडियो वाकई सरस्वती का था या उसे फंसाने की कोई साजिश? सजौर पुलिस को न केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, बल्कि उस मोबाइल वीडियो की फॉरेंसिक जांच भी जरूरी है ताकि एक मासूम मां की मौत का इंसाफ हो सके।


