पटना में ‘आग’ के खिलाफ जंग! पछुआ हवाओं और गर्मी से पहले अग्निशमन विभाग का महा-अभियान; मरीन ड्राइव पर फिल्म और गलियों में ‘नुक्कड़ नाटक’ से जागरूकता

खबर के मुख्य बिंदु:

  • तैयारी: अग्नि प्रवण काल (Fire Season) को लेकर पटना में 3 से 9 मार्च तक विशेष जागरूकता सप्ताह।
  • हाई-टेक संदेश: मरीन ड्राइव पर प्रोजेक्टर के जरिए ‘क्या करें और क्या न करें’ (Do’s & Don’ts) की फिल्म दिखाई गई।
  • ग्राउंड जीरो: झुग्गी-झोपड़ी, तंग गलियों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों पर विभाग का विशेष फोकस।
  • ट्रेनिंग: जीविका दीदी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सिखाए गए आग बुझाने के व्यावहारिक तरीके।

पटना: बढ़ती गर्मी और तेज पछुआ हवाएं अपने साथ ‘आग का खतरा’ भी लाती हैं। इसी खतरे को भांपते हुए पटना जिला अग्निशमन विभाग ने राजधानी को सुरक्षित रखने के लिए कमर कस ली है। जिला अग्निशमन पदाधिकारी के नेतृत्व में चलाए जा रहे 7 दिवसीय विशेष अभियान के जरिए पटना के कोने-कोने में ‘अग्नि सुरक्षा’ का पाठ पढ़ाया जा रहा है। मकसद साफ है— ‘शून्य दुर्घटना’

मरीन ड्राइव पर ‘सिनेमा’ और गलियों में ‘नुक्कड़ नाटक’

​अग्निशमन विभाग इस बार केवल फाइलों तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक और पारंपरिक दोनों तरीकों से जनता तक पहुँच रहा है।

  • मरीन ड्राइव का क्रेज: पटना के मरीन ड्राइव पर शाम के वक्त जुटने वाली भीड़ को प्रोजेक्टर के जरिए फिल्म दिखाकर जागरूक किया गया। इसमें आग लगने की स्थिति में बचाव के तरीके बताए गए।
  • नुक्कड़ नाटक: पटना सिटी और दानापुर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए जीवंत प्रदर्शन किया कि कैसे एक छोटी सी लापरवाही बड़ी आग का कारण बन सकती है।
  • कैनोपी और रोड शो: कंकड़बाग, दानापुर और लोदीपुर में रोड शो आयोजित किए गए, जबकि प्रमुख चौराहों पर ‘कैनोपी’ लगाकर लोगों को पैम्फलेट बांटे गए।

जीविका दीदियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिली ट्रेनिंग

​आग बुझाने का काम सिर्फ दमकल विभाग का नहीं, बल्कि आम नागरिकों का भी है। इसी सोच के साथ लोदीपुर, दानापुर और पटना सिटी में विशेष कार्यशालाएं (Workshops) आयोजित की गईं।

  • व्यावहारिक प्रशिक्षण: जीविका दीदी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सिलेंडर की आग बुझाने और शुरुआती स्तर पर आग पर काबू पाने के तरीके सिखाए गए।
  • सामुदायिक बैठक: स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकर क्षेत्रीय स्तर पर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की योजना बनाई गई।

त्वरित अवलोकन (Quick Facts)

  • अभियान की अवधि: 03 मार्च से 09 मार्च 2026 तक।
  • अभियान का नाम: विशेष साप्ताहिक जनजागरूकता अभियान।
  • प्रसार माध्यम: डिजिटल वॉल पेंटिंग, 60+ होर्डिंग, लाउडस्पीकर माइकिंग और दीवार लेखन।
  • मुख्य फोकस क्षेत्र: झुग्गी बस्तियां, शैक्षणिक संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान।
  • आपातकालीन अपील: किसी भी आगजनी की स्थिति में तुरंत ‘फायर सर्विस’ को सूचित करें।

VOB का नजरिया: सावधानी ही सबसे बड़ा ‘फायर ब्रिगेड’ है!

​गर्मी के दिनों में बिहार के जिलों में आगजनी की घटनाएं एक बड़ी चुनौती बन जाती हैं। पटना अग्निशमन विभाग की यह ‘प्रो-एक्टिव’ पहल सराहनीय है। विशेषकर झुग्गी-झोपड़ियों और तंग गलियों में जागरूकता पहुँचाना बहुत जरूरी है क्योंकि वहां दमकल की गाड़ियों का पहुँचना मुश्किल होता है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ नागरिकों से अपील करता है कि केवल सरकारी अभियान के भरोसे न रहें, ज्वलनशील पदार्थों के उपयोग में खुद भी सावधानी बरतें।

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