खबर के मुख्य बिंदु:
- बड़ी घटना: नवादा सदर अस्पताल के दवा स्टोर रूम में शुक्रवार देर रात लगी भीषण आग।
- नुकसान: भारी मात्रा में महत्वपूर्ण दवाएं और जीवन रक्षक सलाइन की बोतलें जलकर खाक।
- हड़कंप: बगल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीजों के परिजनों ने शोर मचाकर दी जानकारी।
- वजह: शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है आग का कारण।
नवादा: बिहार के नवादा सदर अस्पताल से एक बड़ी और डराने वाली खबर सामने आई है। शुक्रवार की देर रात अस्पताल परिसर स्थित दवा स्टोर रूम में भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते स्टोर में रखी लाखों रुपये की दवाएं और सलाइन की बोतलें जलकर राख हो गईं। गनीमत यह रही कि आग अस्पताल के मुख्य वार्डों तक नहीं फैली, वरना एक बड़ा हादसा हो सकता था।
आधी रात को ‘आग का तांडव’
यह घटना सिविल सर्जन कार्यालय के ठीक पीछे बने स्टोर रूम की है।
- मरीजों में दहशत: रात के सन्नाटे में जब स्टोर रूम से आग की ऊंची लपटें निकलने लगीं, तो पास ही स्थित सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीजों के तीमारदारों की नजर उस पर पड़ी।
- मचा हंगामा: परिजनों ने तुरंत शोर मचाना शुरू किया, जिससे पूरे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में अस्पताल प्रशासन और अग्निशमन विभाग को सूचित किया गया।
फायर ब्रिगेड की मशक्कत और नुकसान
सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुँचीं। काफी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक स्टोर में रखा काफी सामान जल चुका था।
- जीवन रक्षक दवाएं: स्टोर में जिले भर के लिए जरूरी कई महत्वपूर्ण दवाएं रखी गई थीं।
- सलाइन स्टॉक: बड़ी संख्या में सलाइन की बोतलें और सर्जिकल उपकरण भी आग की भेंट चढ़ गए।
अस्पताल प्रशासन का पक्ष
सदर अस्पताल के डीएस (DS) डॉ. एस.डी. अरियर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आग संभवतः बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी है।
”स्टोर रूम में दवाओं और सलाइन का बड़ा स्टॉक था। शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगने की आशंका है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है ताकि दवाओं की आपूर्ति में कोई बाधा न आए। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि असल में कितना नुकसान हुआ है।” — डॉ. एस.डी. अरियर, डीएस, सदर अस्पताल
VOB का नजरिया: सरकारी अस्पतालों में ‘फायर सेफ्टी’ पर सवाल?
नवादा सदर अस्पताल की यह घटना सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जहां हजारों मरीज अपनी जान बचाने आते हैं, वहां दवा स्टोर का इस तरह जल जाना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। क्या अस्पताल में फायर अलार्म और बुझाने के पर्याप्त इंतजाम थे? अगर यह आग सर्जिकल वार्ड तक पहुँच जाती, तो इसका जिम्मेदार कौन होता? स्वास्थ्य विभाग को चाहिए कि वे केवल नुकसान की भरपाई न करें, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए फायर ऑडिट भी करवाएं।


